जमशेदपुर। झारखंड के महानायक और उलगुलान के प्रणेता ‘धरती आबा’ भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि के अवसर पर पूरे राज्य के साथ-साथ लौहनगरी जमशेदपुर में भी उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया गया। इसी कड़ी में जमशेदपुर प्रखंड कार्यालय के समक्ष स्थित दिसुम गुरु शिबू सोरेन स्मारक समिति परिसर में झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा एक विशेष श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर वीरों को किया नमन
कार्यक्रम के दौरान झामुमो के तमाम वरिष्ठ पदाधिकारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने भगवान बिरसा मुंडा की तस्वीर पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर झामुमो प्रखंड अध्यक्ष पलटन मुर्मू, जिला परिषद उपाध्यक्ष व झामुमो नेता पंकज सिन्हा, पूर्व प्रखंड अध्यक्ष बहादुर किस्कू, सचिव जगत मार्डी, मिथुन चक्रवर्ती, मुखिया मायावती टुडू और सरस्वती टुडू सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए समर्पित था जीवन
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने भगवान बिरसा मुंडा के ऐतिहासिक संघर्षों, त्याग और बलिदान को याद किया। झामुमो नेताओं ने कहा “भगवान बिरसा मुंडा ने आदिवासी समाज के अधिकारों, उनके स्वाभिमान तथा जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ उलगुलान का बिगुल फूंका और अपना पूरा जीवन देश व समाज के लिए समर्पित कर दिया। उनकी राष्ट्रभक्ति और सामाजिक चेतना की मिसाल आज भी हर पीढ़ी को प्रेरित करती है।”
समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुंचाने की प्रेरणा
जिला परिषद उपाध्यक्ष पंकज सिन्हा और प्रखंड अध्यक्ष पलटन मुर्मू ने संयुक्त रूप से कहा कि भगवान बिरसा मुंडा के आदर्श आज भी हमें समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक न्याय, अधिकार और सम्मान पहुंचाने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने उपस्थित सभी लोगों से धरती आबा के दिखाए मार्ग पर चलने और राज्य व देश के नवनिर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लेने की अपील की। कार्यक्रम का समापन सामाजिक न्याय और स्वाभिमान की भावना को आगे बढ़ाने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।
