जमशेदपुर: दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक मामले को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित लाठीचार्ज के विरोध में गुरुवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) जिला कमेटी और छात्र मोर्चा ने साकची गोलचक्कर पर विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
बड़ी संख्या में जुटे झामुमो कार्यकर्ता
प्रदर्शन में झामुमो के पदाधिकारी, छात्र मोर्चा के कार्यकर्ता और समर्थक बड़ी संख्या में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि दिल्ली में छात्र अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन उन पर बल प्रयोग किया गया, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।
छात्रों की आवाज दबाने का लगाया आरोप
प्रदर्शन के दौरान झामुमो नेताओं ने कहा कि छात्रों की आवाज दबाने के लिए लाठीचार्ज, आंसू गैस और बल प्रयोग का सहारा लेना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार छात्रों और युवाओं के मुद्दों को गंभीरता से लेने के बजाय दमनात्मक रवैया अपना रही है।नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान महिलाओं और छात्राओं के साथ कथित दुर्व्यवहार हुआ, जिसकी उन्होंने निंदा की।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग
झामुमो नेताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि छात्रों की मांगों की अनदेखी जारी रही तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा तथा सड़क से लेकर सदन तक विरोध जारी रहेगा।
झारखंड के सभी जिलों में प्रदर्शन का दावा
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इसी मुद्दे को लेकर झारखंड के सभी जिलों में झामुमो और छात्र मोर्चा की ओर से विरोध-प्रदर्शन आयोजित किए गए हैं।प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। इस दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए साकची गोलचक्कर क्षेत्र में पुलिस बल तैनात रहा।
