जमशेदपुर में अपराध पर एसएसपी एहतेशाम की सख्ती, देर रात सीतारामडेरा और सिदगोड़ा थाना का औचक निरीक्षण

जमशेदपुर:जमशेदपुर में लगातार सामने आ रही आपराधिक घटनाओं के बाद पुलिस महकमे में हुए फेरबदल के बाद पदभार ग्रहण करने वाले नए एसएसपी एहतेशाम वकारिब पूरे जिले में अपराध पर नकेल कसने के लिए 24 घंटे एक्टिव मोड में नज़र आ रहे हैं। पिछले दिनों हुई हत्या की वारदातों में शामिल अपराधियों को जेल की सलाखों के पीछे भेजने के साथ-साथ एसएसपी अब जिले के सभी थानों की कार्यशैली को पटरी पर लाने के लिए रात में खुद सड़कों पर उतर रहे हैं। दिन की जगह देर रात किए जा रहे इस औचक निरीक्षण से पूरे जिले के थाना प्रभारियों और पुलिस तंत्र में हड़कंप मचा हुआ है।

गुरुवार देर रात सीतारामडेरा और सिदगोड़ा थाना में दी अचानक दस्तक

इसी कड़ी में गुरुवार देर रात एसएसपी एहतेशाम वकारिब ने बिना किसी पूर्व सूचना के सीधे सीतारामडेरा थाना और सिदगोड़ा थाना में अचानक दस्तक दे दी। एसएसपी के अचानक थाने के गेट पर पहुंचते ही ड्यूटी पर मौजूद थाना प्रभारियों, ऑन-ड्यूटी सब-इंस्पेक्टरों और अन्य पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गया। एसएसपी ने थाने के हाजत , मालखाना, दैनिक डायरी और हाल ही में दर्ज हुए गंभीर आपराधिक मामलों के केस डायरी व कागजातों की गहनता से जांच की।

“अवैध कारोबार और अपराध पर ज़ीरो टॉलरेंस, वरना होगी सख्त कार्रवाई”

निरीक्षण के दौरान नए एसएसपी ने कड़े और सख्त लहजे में थाना प्रभारियों को स्पष्ट हिदायत दी। “जिले के किसी भी कोने में किसी भी तरह का अवैध कारोबार (जैसे जुआ, शराब, नशीले पदार्थ या अवैध खनन) या आपराधिक गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी थाना क्षेत्र में अवैध गतिविधियां संचालित पाई जाती हैं, तो इसके लिए सीधे तौर पर संबंधित थाना प्रभारी और बीट अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी और उनके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।”

पदभार संभालते ही एक्शन मोड; अपराधियों के साथ बेपरवाह थानों में भी दहशत

एसएसपी एहतेशाम वकारिब द्वारा पदभार ग्रहण करने के बाद से ही शहर के अलग-अलग थानों में देर रात लगातार छापेमारी और निरीक्षण की प्रक्रिया जारी है। देर रात निरीक्षण करने का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि रात के समय थानों में पुलिस बल मुस्तैद रहता है या नहीं, और गश्ती गाड़ियां सड़कों पर अलर्ट हैं या नहीं। नए कप्तान की इस ताबड़तोड़ और सख्त कार्यशैली से जहां एक तरफ ढिलाई बरतने वाले थाना प्रभारियों के पसीने छूट रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ शहर के शातिर अपराधियों और असामाजिक तत्वों में भी पुलिस के इस कड़े रुख का गहरा दहशत का माहौल बन गया है।

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