जमशेदपुर: कचरा प्रबंधन के नए नियम 2026 लागू, होटलों और बैंक्वेट हॉलों को परिसर के भीतर ही करना होगा गीले कचरे का निपटान

जमशेदपुर : शहर की शहरी स्थिरता को नई ऊंचाई देने के उद्देश्य से आज एक रणनीतिक कार्यशाला का आयोजन किया गया। जेएनएसी के उपनगर आयुक्त कृष्ण कुमार के नेतृत्व में आयोजित इस सत्र में होटलों, रेस्टोरेंटों और बैंक्वेट हॉलों के संचालकों को नए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियम 2026 के कड़े अनुपालन का निर्देश दिया गया।

कौन आएंगे ‘बल्क वेस्ट जनरेटर’ की श्रेणी में?

नए नियमों के तहत अब उन संस्थानों पर विशेष नजर रहेगी जो बड़े पैमाने पर कचरा उत्पन्न करते हैं। निम्नलिखित संस्थानों को बल्क वेस्ट जनरेटर श्रेणी में रखा गया है जिसमे 20,000 वर्ग मीटर से अधिक वाले संस्थान, प्रतिदिन 5,000 लीटर से अधिक पानी का उपयोग करने वाले और प्रतिदिन 100 किलोग्राम से अधिक कचरा उत्पन्न करने वाले।

अनिवार्य अनुपालन के प्रमुख बिंदु

कार्यशाला में स्पष्ट किया गया कि इन संस्थानों को अब अपनी कचरा प्रबंधन प्रणाली में आमूल-चूल बदलाव करना होगा। कचरे को अनिवार्य रूप से चार श्रेणियों— गीला, सूखा, सैनिटरी और घरेलू खतरनाक कचरे में बांटना होगा। गीले कचरे को अब बाहर नहीं फेंका जा सकेगा। संस्थानों को अपने परिसर के भीतर ही बायो-मिथेनाइजेशन प्लांट या ऑर्गेनिक वेस्ट कन्वर्टर के माध्यम से इसका निपटान करना होगा। कचरे की रियल-टाइम ट्रैकिंग के लिए सभी जनरेटरों का ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है।खाद्य कचरे को सुअरों को खिलाने की प्रथा पर अब पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है, ताकि जैविक कचरे का प्रबंधन वैज्ञानिक और स्वच्छ प्रक्रियाओं से हो सके।

सुव्यवस्थित संग्रहण प्रणाली

उप नगर आयुक्त ने बताया कि शहर की स्वच्छता को बनाए रखने के लिए अब दिन में दो बार कचरा संग्रहण की व्यवस्था पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि कचरे को इधर-उधर फेंकने या नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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