जमशेदपुर : जमशेदपुर जिला बार संघ के वरिष्ठतम सदस्यों में से एक, अधिवक्ता प्रताप नारायण गोप (85 वर्ष) का शनिवार को इलाज के दौरान निधन हो गया। वे पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। तबीयत अधिक बिगड़ने पर उन्हें बारीडीह स्थित मर्सी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहाँ उन्होंने अंतिम सांस ली।
1969 से वकालत: न्याय के क्षेत्र में एक लंबा सफर
गोप बाबू का कानूनी करियर पाँच दशकों से भी अधिक लंबा रहा। वे 1969 से वकालत के पेशे से जुड़े थे और बार संघ के सबसे अनुभवी सदस्यों में गिने जाते थे। उन्होंने लगभग 13 वर्षों तक लोक अभियोजक के गरिमामय पद पर अपनी सेवाएं दीं और कई महत्वपूर्ण मामलों में सरकार का पक्ष रखा। अपने कनिष्ठ साथियों के बीच वे अपने सरल और मिलनसार व्यक्तित्व के लिए जाने जाते थे। अधिवक्ताओं का कहना है कि वे सभी को पिता समान स्नेह और मार्गदर्शन देते थे।
पार्वती घाट में अंतिम संस्कार
रविवार को उनके कदमा रामनगर स्थित आवास पर विधिवत संस्कार पद्धति अपनाई गई। इसके बाद उनके पार्थिव शरीर को श्मशान घाट ले जाया गया, जहाँ वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। इस दौरान भारी संख्या में अधिवक्ता, न्यायिक कर्मी और स्थानीय नागरिक उन्हें अंतिम विदाई देने पहुँचे।
20 अप्रैल को शोक में कार्य का बहिष्कार
वरिष्ठ अधिवक्ता गोप बाबू के सम्मान में जिला बार संघ ने शोक सभा और कार्य स्थगन का निर्णय लिया है। दिवंगत आत्मा के सम्मान में सोमवार, 20 अप्रैल को सभी अधिवक्ता द्वितीय पाली में खुद को न्यायिक कार्यों से अलग रखेंगे ।इस दौरान बार संघ में एक शोक सभा का भी आयोजन किया जाएगा, जहाँ उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को याद किया जाएगा।
