जमशेदपुर : जिला व्यवहार न्यायालय (जमशेदपुर कोर्ट) ने बुधवार को जमशेदपुर लोकल ट्रेलर ओनर एसोसिएशन के अध्यक्ष जय किशन सिंह को जमानत प्रदान कर दी है। न्यायिक पदाधिकारी अंजू कुमारी की अदालत (कोर्ट संख्या-5) ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह फैसला सुनाया।
क्या है पूरा मामला?
यह कानूनी विवाद 11 फरवरी 2026 को हुई एक घटना से जुड़ा है। 11 फरवरी को बर्मा माइंस पार्किंग के पास जय किशन सिंह पर लाठीचार्ज हुआ था।इस घटना के बाद विपक्षी पक्ष ने जय किशन सिंह के खिलाफ भी एक जवाबी मामला (काउंटर केस) दर्ज कराया था।सिंह के समर्थकों का शुरू से ही आरोप रहा है कि यह मामला पूरी तरह से द्वेषपूर्ण भावना और उन्हें परेशान करने के उद्देश्य से दर्ज कराया गया था।
अदालत का फैसला और खुशी का माहौल
आज सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकीलों ने अदालत के समक्ष अपना पक्ष रखा, जिसके बाद माननीय न्यायालय ने जय किशन सिंह को जमानत की सुविधा दे दी। जमानत मिलने की खबर जैसे ही कोर्ट परिसर से बाहर आई, एसोसिएशन के सदस्यों और समर्थकों ने खुशी जाहिर की।
जय किशन सिंह ने लगाए गंभीर आरोप
जमानत मिलने के बाद जय किशन सिंह ने कहा कि उनके खिलाफ दर्ज कराया गया मामला पूरी तरह निराधार था, जिसकी पुष्टि अदालत से मिली जमानत से होती है।उन्होंने आरोप लगाया कि उन पर हुए लाठीचार्ज के मामले में अब तक किसी भी विपक्षी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। हालांकि जय किशन सिंह को इस काउंटर केस में राहत मिल गई है, लेकिन लाठीचार्ज की मूल घटना और पुलिस की भूमिका को लेकर विवाद अब भी गर्माया हुआ है। आने वाले दिनों में इस मामले में पुलिस की जांच और कोर्ट की कार्यवाही पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।
