जमशेदपुर : टाटा मोटर्स के मुख्य प्रवेश द्वार (मेन गेट) पर स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने की मांग को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन बुधवार को समाप्त हो गया। डीएलसी अरविंद कुमार के साथ हुई वार्ता और उनके द्वारा मिले सकारात्मक आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारियों ने अपना आंदोलन वापस लेने का निर्णय लिया।
चक्का जाम और आवाजाही पर असर
यह आंदोलन मंगलवार को बंटी सिंह गुट के नेतृत्व में शुरू हुआ था। प्रदर्शनकारियों ने कंपनी के मुख्य द्वार को पूरी तरह जाम कर दिया था। गेट जाम होने के कारण कर्मचारियों और कंपनी के वाहनों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई, जिससे प्रबंधन को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शनकारी रात भर गेट के सामने ही धरने पर बैठे रहे।
अंबुज ठाकुर का समर्थन और वार्ता की पहल
इस आंदोलन को आईआईटीयूसी के नेता अंबुज ठाकुर का भी पुरजोर समर्थन प्राप्त हुआ, जिससे प्रदर्शन को और मजबूती मिली। स्थिति को बिगड़ता देख जिला प्रशासन और डीएलसी ने मध्यस्थता की। डीएलसी अरविंद कुमार ने प्रदर्शनकारियों की मांगों को गंभीरता से सुना और नियमसंगत उचित कार्रवाई का भरोसा दिया।धरना खत्म होते ही टाटा मोटर्स प्रबंधन और सुरक्षा कर्मियों ने राहत महसूस की, जिसके बाद कंपनी के परिचालन को सामान्य करने की प्रक्रिया शुरू हुई।
स्थानीय युवाओं की उम्मीदें
आंदोलनकारियों का स्पष्ट कहना है कि जमशेदपुर की कंपनियों में स्थानीय प्रतिभाओं और युवाओं को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। हालांकि आंदोलन अभी समाप्त हो गया है, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि डीएलसी के आश्वासन पर ठोस अमल नहीं हुआ, तो वे फिर से सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे।
