करनडीह: पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) जिले के परसुडीह प्रक्षेत्र अंतर्गत उत्तरी करनडीह पंचायत के ग्रामीणों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। करनडीह फाटक के समीप स्थित दुर्गा मंडप से लेकर मंडल चिकन दुकान तक बनने वाली कल्वर्ट सहित मुख्य नाली निर्माण कार्य का रविवार को आधिकारिक रूप से शिलान्यास किया गया।इस बहुप्रतीक्षित विकास कार्य की शुरुआत जिला परिषद सदस्य पूर्णिमा मलिक एवं स्थानीय मुखिया सिनी सोरेन द्वारा संयुक्त रूप से नारियल फोड़कर और शिलान्यास पट्टिका का अनावरण कर की गई।
“जनता की मूलभूत समस्याओं का समाधान ही हमारी प्राथमिकता”— मानिक मलिक
इस अवसर पर शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रबुद्ध समाजसेवी मानिक मलिक ने क्षेत्र के विकास को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा “जनता की मूलभूत समस्याओं का त्वरित और स्थाई समाधान ही हमारी सबसे बड़ी राजनीतिक और सामाजिक प्राथमिकता है। इस क्षेत्र में विकास कार्यों को गति देकर आम लोगों को बेहतर और स्वच्छ नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराना हमारा मुख्य संकल्प है। यह तो बस शुरुआत है, आने वाले समय में भी इस पंचायत में जनहित और बुनियादी ढांचे से जुड़े ऐसे कई कार्य लगातार युद्ध स्तर पर किए जाएंगे।”
लंबे समय से नारकीय स्थिति झेल रहे थे स्थानीय ग्रामीण, अब मिलेगी राहत
इस निर्माण कार्य की शुरुआत होने से स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों के चेहरे खिल उठे। ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों के प्रति आभार जताते हुए कहा कि करनडीह फाटक का यह पूरा बेल्ट पिछले लंबे समय से नाली जाम, गंदगी और जलजमाव की गंभीर समस्या से जूझ रहा था। नाली का गंदा पानी सड़क पर बहने और कल्वर्ट न होने के कारण हल्की बारिश में भी यहां बाढ़ जैसे हालात बन जाते थे, जिससे मच्छरों का प्रकोप और संक्रामक बीमारियों का खतरा लगातार बना रहता था। इस कल्वर्ट और पक्की नाली के बन जाने के बाद गंदे पानी की निकासी सुचारू रूप से होगी और स्थानीय लोगों को जलजमाव की प्रताड़ना से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी।
पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों की रही गरिमामयी मौजूदगी
करनडीह फाटक के समीप आयोजित इस शिलान्यास समारोह में स्थानीय प्रशासन, पंचायत राज के प्रतिनिधियों और आम जनता के बीच गहरा तालमेल देखने को मिला। कार्यक्रम को सफल बनाने और विकास कार्य की गुणवत्ता की निगरानी का संकल्प लेने के लिए वार्ड सदस्य, पंचायत समिति प्रतिनिधि, स्थानीय गणमान्य प्रबुद्ध नागरिक, महिला समूह की दीदियां और भारी संख्या में ग्रामीण महिला-पुरुष उपस्थित थे।
