खरसावां: किसानों की समस्याओं को लेकर भाजपा का हल्ला बोल; जिप अध्यक्ष सोनाराम बोदरा बोले— “धान का एमएसपी ₹3200 करे सरकार, वरना होगा उग्र आंदोलन”

खरसावां: खरसावां प्रखंड मुख्यालय परिसर के समक्ष सोमवार को भाजपा प्रखंड समिति के तत्वावधान में किसानों की ज्वलंत समस्याओं को लेकर एक दिवसीय विशाल धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया गया। इस दौरान भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने वर्तमान झामुमो-कांग्रेस गठबंधन सरकार पर किसानों के साथ वादाखिलाफी करने का सीधा आरोप लगाया और जमकर नारेबाजी की।

“घोषणाओं तक सीमित है वर्तमान सरकार”: सोनाराम बोदरा

धरना-प्रदर्शन कार्यक्रम को मुख्य रूप से संबोधित करते हुए सरायकेला-खरसावां के जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा ने राज्य सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा “चुनाव के दौरान झामुमो और कांग्रेस ने किसानों और आम जनता से जो लोकलुभावन वादे किए थे, सत्ता में आते ही उन्हें पूरी तरह भुला दिया गया है। सरकार की गलत और किसान-विरोधी नीतियों के कारण अन्नदाता आज बेहाल हैं। यदि किसानों से किए गए वादे जल्द पूरे नहीं किए गए, तो भाजपा चुप नहीं बैठेगी और किसानों के सम्मान व अधिकार के लिए पूरे राज्य में चरणबद्ध व उग्र आंदोलन करेगी।”वहीं, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष विजय महतो ने कहा कि राज्य के किसान आज गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं, जबकि सरकार धरातल पर काम करने के बजाय केवल कागजी घोषणाओं और विज्ञापनों तक सीमित रह गई है। किसानों को समय पर न तो खाद-बीज मिल पा रहा है और न ही कृषि ऋण और सिंचाई की उचित सुविधाएं उपलब्ध हैं।

चांदनी चौक से प्रखंड कार्यालय तक गूंजे नारे, बीडीओ को सौंपा ज्ञापन

इससे पूर्व, जिले भर से जुटे सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ता और किसान खरसावां के प्रसिद्ध चांदनी चौक पर एकत्रित हुए। वहाँ से सरकार विरोधी तख्तियां और झंडे लेकर नारेबाजी करते हुए सभी कार्यकर्ता जुलूस की शक्ल में प्रखंड मुख्यालय पहुंचे। धरना समाप्ति के बाद भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने महामहिम राज्यपाल के नाम तैयार एक विस्तृत मांग पत्र (ज्ञापन) खरसावां के प्रखंड विकास पदाधिकारी को सौंपा।

राज्यपाल के नाम सौंपे गए ज्ञापन में शामिल मुख्य मांगें

भाजपा और किसान प्रतिनिधियों ने ज्ञापन के माध्यम से सरकार के समक्ष निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखी हैं जिसमे राज्य के किसानों को उनकी उपज का सही दाम देने के लिए धान का एमएसपी तत्काल बढ़ाकर 3200 रुपये प्रति क्विंटल लागू किया जाए।प्राकृतिक आपदा, बेमौसम बारिश या सूखे से प्रभावित हुए पीड़ित किसानों को अविलंब उचित और पारदर्शी मुआवजा राशि का भुगतान हो।वादे के मुताबिक सभी छोटे-मझोले किसानों के कृषि ऋण (केसीसी) को पूरी तरह माफ किया जाए। सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई सुविधाओं में व्यापक सुधार किया जाए और कृषि के लिए निर्बाध बिजली व खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित हो।

समारोह में ये रहे उपस्थित

इस राजनीतिक और किसान प्रदर्शन में जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा और विजय महतो के अलावा प्रखंड अध्यक्ष, जिला कार्यसमिति के सदस्य, स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में खरसावां प्रखंड के किसान मुख्य रूप से उपस्थित थे।

More From Author

जमशेदपुर: एसबीआई एटीएम सुरक्षा कर्मियों की बहाली की मांग तेज, 140 गार्डों ने उपायुक्त से लगाई गुहार

नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालय में बच्चों को दी गई विधिक जानकारी, डालसा ने चलाया जागरूकता अभियान

Recent News