जमशेदपुर स्थित मिथिला भवन में ललित नारायण मिश्र सांस्कृतिक एवं सामाजिक कल्याण समिति की द्विसत्रीय वार्षिक आमसभा गरिमापूर्ण वातावरण में आयोजित की गई। बैठक में समिति के 194 आजीवन सदस्यों के साथ शहर की विभिन्न मैथिली संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार, स्वस्ति वाचन, सामूहिक दीप प्रज्ज्वलन और भगवती वंदना के साथ हुई।
वार्षिक प्रतिवेदन और आय-व्यय का हुआ प्रस्तुतीकरण
समिति के स्वागत भाषण में निवास झा ने सभी सदस्यों और अतिथियों का स्वागत किया। इसके बाद निवर्तमान महासचिव शंकर पाठक ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया, जबकि निवर्तमान कोषाध्यक्ष बैजू मिश्र ने संस्था का आय-व्यय विवरण सदन के समक्ष रखा। सदस्यों ने वित्तीय पारदर्शिता और लेखा-प्रबंधन की सराहना की।
कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव हुए पारित
विक्रम आदित्य सिंह ने संगठन से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण प्रस्ताव सदन के समक्ष रखे। चर्चा के बाद सभी प्रस्तावों को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई। साथ ही सदस्यों ने संस्था की गतिविधियों को और प्रभावी बनाने के लिए कई सुझाव भी दिए।
अध्यक्ष ने संगठन को मजबूत बनाने का किया आह्वान
अध्यक्षीय संबोधन में समिति के अध्यक्ष ने कहा कि संस्था की सबसे बड़ी ताकत उसके समर्पित सदस्य हैं। उन्होंने मैथिली भाषा, संस्कृति और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में मिलकर कार्य करने और संगठन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का आह्वान किया। कार्यक्रम का समापन राजीव ठाकुर के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
वर्ष 2026-2029 के लिए नई कार्यकारिणी का गठन
आमसभा के दूसरे सत्र में वर्ष 2026-2029 के लिए नई कार्यकारिणी का गठन सर्वसम्मति से किया गया। चुनाव प्रक्रिया जीवछ झा, नवकांत झा और विपिन कुमार झा की देखरेख में शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से संपन्न हुई।
जय चंद्र झा बने अध्यक्ष, अशोक झा पंकज महासचिव
नई कार्यकारिणी में जय चंद्र झा को अध्यक्ष, अशोक झा पंकज को महासचिव, विक्रम आदित्य सिंह को कोषाध्यक्ष, मनोज कुमार झा को उपमहासचिव, गोपाल झा को कार्यालय सचिव तथा अजय झा को संगठन सचिव चुना गया। वहीं अरुण कुमार झा, सरोज कांत झा, शैलेन्द्र झा और अश्विनी ठाकुर को उपाध्यक्ष बनाया गया।
नई टीम का सदस्यों ने किया स्वागत
नई कार्यकारिणी के गठन के बाद उपस्थित सदस्यों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ सभी नव-निर्वाचित पदाधिकारियों का स्वागत किया और मैथिली समाज के हित में मिलकर कार्य करने का संकल्प दोहराया।
