रामगढ़: झारखंड के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल मां छिन्नमस्तिका मंदिर के पुनर्विकास, सुंदरीकरण एवं आधारभूत संरचना विकास कार्यों को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में उपायुक्त ऋतुराज ने शनिवार को समीक्षा बैठक कर निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निर्धारित समय सीमा में गुणवत्ता के साथ कार्य पूरा करने का निर्देश
उपायुक्त की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में मंदिर परिसर में चल रहे विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सभी कार्य माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन करते हुए तय समय सीमा और निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरे किए जाएं।
विस्थापित दुकानदारों के पुनर्वास पर विशेष जोर
बैठक में परियोजना से प्रभावित स्थानीय दुकानदारों के पुनर्वास के मुद्दे पर भी विस्तार से चर्चा की गई। उपायुक्त ने अनुमंडल पदाधिकारी रामगढ़ तथा चितरपुर और गोला के अंचल अधिकारियों को आपसी समन्वय स्थापित कर चयनित भूमि पर दुकानों के निर्माण के लिए जल्द मार्किंग और चिह्नीकरण की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया।
254 दुकानों का लॉटरी सिस्टम से होगा आवंटन
उपायुक्त ऋतुराज ने स्पष्ट किया कि पुनर्वास योजना के तहत निर्मित 254 दुकानों का आवंटन लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य आवंटन को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और विवादमुक्त बनाना है, ताकि सभी पात्र लाभुकों को समान अवसर मिल सके।
मंदिर क्षेत्र के समग्र विकास पर प्रशासन का फोकस
प्रशासन का मानना है कि पुनर्विकास और सुंदरीकरण कार्यों के पूरा होने के बाद रजरप्पा क्षेत्र में श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
बैठक में कई विभागों के अधिकारी रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में उप विकास आयुक्त आशीष अग्रवाल, अनुमंडल पदाधिकारी रामगढ़, संबंधित अंचल अधिकारी, भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं अभियंता उपस्थित रहे।
