आदित्यपुर: झारखंड की सियासत में सरायकेला-खरसावां जिला इस वक्त सबसे बड़े राजनीतिक उलटफेर का केंद्र बन गया है। शनिवार को कांग्रेस छोड़कर हाल ही में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) में शामिल हुए वरिष्ठ नेता केपी सोरेन के आवास पर एक भव्य मिलन समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में सिंहभूम की सांसद जोबा माझी की मौजूदगी में भाजपा और कांग्रेस को बड़ा झटका देते हुए सैकड़ों युवाओं, महिलाओं और पुरुषों ने झामुमो का दामन थाम लिया।इस मिलन समारोह की सबसे खास और चौंकाने वाली बात यह रही कि पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन के सबसे खास सिपहसालार माने जाने वाले नेताओं ने भाजपा छोड़ वापस झामुमो में घर वापसी कर ली है।
आदित्यपुर के चर्चित चेहरों ने बदला पाला, कयासों का बाजार गर्म
इस कार्यक्रम में आदित्यपुर नगर निगम के कई दिग्गज चेहरों ने झामुमो की आधिकारिक सदस्यता ग्रहण की। आदित्यपुर नगर निगम वार्ड संख्या-7 के वर्तमान पार्षद परितोष बेज, पूर्व पार्षद ममता बेज और कोल्हान के चर्चित सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता बीटी दास ने अपने समर्थकों की भारी फौज के साथ तीर-धनुष थाम लिया।
चंपाई सोरेन को क्यों लगा झटका?
राजनीतिक पंडित इस घटनाक्रम को बेहद अहम मान रहे हैं। दरअसल, जब चंपाई सोरेन ने झामुमो से बगावत कर भाजपा का दामन थामा था, तब बीटी दास और ममता बेज भी झामुमो छोड़ उनके साथ भाजपा में चले गए थे। महज कुछ ही महीनों के भीतर इन दोनों कद्दावर नेताओं की झामुमो में वापसी चंपाई सोरेन और भाजपा के लिए इस क्षेत्र में एक बड़ा रणनीतिक झटका है।
“भाजपा में नहीं मिला सम्मान, इसलिए लौटा अपने घर”— बीटी दास
चंपाई सोरेन के बेहद करीबी रहे बीटी दास ने पाला बदलने के बाद मीडिया के सामने खुलकर अपना दर्द साझा किया। उन्होंने कहा “यह मेरी राजनीतिक घर वापसी है। हम चंपाई सोरेन के प्रति अपनी निष्ठा के कारण उनके साथ भाजपा में जरूर चले गए थे, लेकिन उस अनुशासित कही जाने वाली पार्टी में हमें वह अपेक्षित सम्मान, जगह और भूमिका नहीं मिली जो मिलनी चाहिए थी। भाजपा में कार्यकर्ताओं की अनदेखी होती है, जबकि झामुमो में हर छोटे-बड़े कार्यकर्ता को मान-सम्मान और पहचान मिलती है। इसी वजह से हमने अपने पुराने घर लौटने का फैसला किया।”
“हेमंत सोरेन की कल्याणकारी योजनाओं से प्रभावित हैं लोग”— सांसद जोबा माझी
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि और सांसद जोबा माझी ने पार्टी का पट्टा पहनाकर सभी नए सदस्यों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं (जैसे मंइयां सम्मान योजना, किसान कर्जमाफी) से प्रभावित होकर हर वर्ग के लोग स्वतः झामुमो से जुड़ रहे हैं।केंद्र प्रायोजित योजनाओं के फंड रुके होने के सवाल पर सांसद ने बताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दिल्ली में नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में झारखंड के लंबित मामलों और हक की राशि को लेकर केंद्र सरकार के समक्ष मजबूती से बात रखी है। हमें पूरी उम्मीद है कि राज्य को उसका हक जल्द मिलेगा। सांसद ने कांग्रेस छोड़ झामुमो में आए केपी सोरेन की सराहना करते हुए कहा कि एक राष्ट्रीय दल को छोड़ झारखंडी विचारधारा को चुनना उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उनके आने से संगठन को नई ऊर्जा मिली है।
झारखंडी अस्मिता की रक्षा केवल झामुमो से संभव: केपी सोरेन
वहीं मेजबान केपी सोरेन ने कहा कि कांग्रेस छोड़ने के बाद उन्हें जिस तरह समाज के हर वर्ग का भरपूर समर्थन मिल रहा है, वह बेहद उत्साहवर्धक है। झामुमो ही एकमात्र ऐसी पार्टी है जो झारखंड की अस्मिता, जल-जंगल-जमीन और यहां के आदिवासी-मूलवासियों के हक की लड़ाई पूरी ईमानदारी से लड़ती है।इस ऐतिहासिक मिलन समारोह में अभय झा, संजय कुमार सहित झामुमो के कई वरिष्ठ जिला पदाधिकारी, सैकड़ों कार्यकर्ता और समर्थक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने आगामी चुनावों में झामुमो को रिकॉर्ड मतों से जिताने का सामूहिक संकल्प लिया।
