जमशेदपुर। टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन और टाटा मोटर्स लिमिटेड, जमशेदपुर के बीच कर्मचारियों की वेतन संरचना के पुनर्गठन को लेकर महत्वपूर्ण सहमति बनी है। यह समझौता वेतन संहिता, 2019 के सिद्धांतों और आवश्यकताओं के अनुरूप वेतन संरचना को पुनर्गठित करने के उद्देश्य से किया गया है।इस समझौते का उद्देश्य कर्मचारियों के लिए पारदर्शी, नियमों के अनुरूप, न्यायसंगत और टिकाऊ वेतन संरचना सुनिश्चित करना है। साथ ही, कर्मचारियों के वैध हितों की रक्षा के साथ कंपनी की दीर्घकालिक वृद्धि और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है।
प्लांट हेड और यूनियन के शीर्ष पदाधिकारी रहे मौजूद
समझौते के दौरान टाटा मोटर्स के प्लांट हेड अनुराग छारिया, एचआर हेड प्रणव कुमार और ईआर हेड सौमिक रॉय मौजूद रहे।वहीं टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन की ओर से अध्यक्ष शशि भूषण प्रसाद और महामंत्री आरके सिंह मौजूद रहे।
करीब 3 महीने में लागू होगी वेतन पुनर्गठन प्रक्रिया
वेतन संरचना के पुनर्गठन को पूरी तरह लागू करने में करीब तीन महीने का समय लगने की बात कही गई है। इसके बाद इसका प्रभाव कर्मचारियों की सैलरी स्लिप में दिखाई देगा।यूनियन ने कर्मचारियों को भरोसा दिलाया है कि वेतन पुनर्गठन की प्रक्रिया से किसी तरह का प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
कर्मचारियों के हितों की रक्षा पर जोर
समझौते का उद्देश्य कर्मचारियों के वैध हितों की रक्षा करते हुए वेतन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और न्यायसंगत बनाना है। साथ ही, कंपनी की दीर्घकालिक वृद्धि और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को ध्यान में रखते हुए टिकाऊ वेतन संरचना तैयार करने पर सहमति बनी है।
आपसी संवाद से समाधान पर यूनियन का जोर
टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन ने चर्चा के दौरान प्रबंधन के रचनात्मक और सकारात्मक दृष्टिकोण की सराहना की। यूनियन ने कहा कि इस तरह के महत्वपूर्ण विषयों का समाधान आपसी विचार-विमर्श और संवाद के माध्यम से किया जाना आवश्यक है।यूनियन और प्रबंधन के बीच बनी यह सहमति कर्मचारियों की वेतन व्यवस्था को नियमों के अनुरूप व्यवस्थित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
