बालू माफियाओं का नया तरीका: सड़क किनारे बना रहे अवैध स्टोरेज, कार्रवाई पर उठ रहे सवाल

जमशेदपुर: अवैध बालू कारोबार पर रोक लगाने के लिए प्रशासन समय-समय पर कार्रवाई करता रहा है, लेकिन बालू माफिया भी कानून से बचने के नए-नए तरीके तलाश रहे हैं। सिदगोड़ा थाना क्षेत्र में ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहां स्वर्णरेखा नदी से अवैध रूप से बालू उठाने वाले माफिया अब सड़क किनारे अस्थायी स्टोरेज बनाकर अपना कारोबार संचालित कर रहे हैं।स्थानीय लोगों के अनुसार, प्रशासनिक कार्रवाई से बचने के लिए रात के अंधेरे में नदी घाटों से बालू का उठाव किया जाता है और फिर उसे शहर के विभिन्न इलाकों में जमा कर दिया जाता है।

बारिडीह में सड़क किनारे बनाया गया स्टोरेज प्वाइंट

जानकारी के मुताबिक, बारिडीह बस्ती स्थित जिला स्कूल के समीप स्वर्णरेखा घाट और अन्य क्षेत्रों से अवैध बालू उठाकर एआईडब्लूसी स्कूल के पीछे सुनसान इलाके में सड़क किनारे जमा किया जा रहा है।स्थानीय लोगों का कहना है कि इस स्थान पर लोगों का आवागमन अपेक्षाकृत कम होता है, जिसका फायदा उठाकर बालू माफिया इसे स्टोरेज प्वाइंट के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। यहां केवल बालू ही नहीं, बल्कि निर्माण कार्य में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री भी डंप की जा रही है।

छोटे वाहनों से पहुंचाई जाती है सामग्री

बताया जा रहा है कि बालू और अन्य निर्माण सामग्री को पहले सड़क किनारे जमा किया जाता है और बाद में छोटे-छोटे वाहनों के माध्यम से अलग-अलग निर्माण स्थलों तक पहुंचाया जाता है।इस तरीके से कारोबार करने पर प्रशासन के लिए यह पता लगाना मुश्किल हो जाता है कि सामग्री किसकी है और इसका स्रोत क्या है।

कई अन्य इलाकों में भी हो रहा इस्तेमाल

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह केवल एक स्थान तक सीमित नहीं है। बारिडीह का लंबा मैदान, सूर्य मंदिर के पीछे का क्षेत्र और अन्य कई सुनसान स्थान भी अवैध बालू स्टोरेज के लिए इस्तेमाल किए जा रहे हैं।इन स्थानों पर रात के समय गतिविधियां बढ़ने की शिकायतें भी सामने आती रही हैं।

कार्रवाई नहीं होने पर उठ रहे सवाल

स्थानीय लोगों का दावा है कि इन अवैध स्टोरेज स्थलों की जानकारी संबंधित विभागों और स्थानीय पुलिस को भी है। सिदगोड़ा थाना क्षेत्र में नियमित गश्त के दौरान इन स्थानों पर जमा बालू और निर्माण सामग्री आसानी से देखी जा सकती है।इसके बावजूद अब तक किसी बड़ी कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आने से लोगों के बीच सवाल उठ रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते इस अवैध कारोबार पर रोक नहीं लगाई गई, तो इससे राजस्व की हानि के साथ-साथ पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचेगा।

प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग

स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन, खनन विभाग और पुलिस प्रशासन से अवैध बालू उठाव और स्टोरेज के खिलाफ व्यापक अभियान चलाने की मांग की है। उनका कहना है कि अवैध कारोबार में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि सरकारी संसाधनों की लूट पर रोक लग सके।

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