जमशेदपुर/रांची: झारखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत रांची पुलिस ने जमशेदपुर में छापेमारी कर तीन हाई-प्रोफाइल लोगों को हिरासत में लिया है। गिरफ्तार किए गए तीनों व्यक्ति राज्य के कद्दावर मंत्रियों और पूर्व आला अधिकारियों के बेहद करीबी माने जाते हैं।
गिरफ्तार आरोपियों का प्रोफाइल
गिरफ्तार किए गए लोगों में वे नाम शामिल हैं जिनका मंत्रालय और सत्ता में काफी दबदबा रहा है।1. दिनेश अग्रवाल: ये पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के रिम्स स्वास्थ्य प्रतिनिधि हैं। इनसे जमीन घोटाले के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग में हुए कथित घोटालों को लेकर भी पूछताछ की जा रही है।2. आयन सरकार: इन्हें वर्तमान परिवहन मंत्री दीपक बीरुआ का करीबी बताया जा रहा है। आयन सरकार पहले भी ट्रांसफर-पोस्टिंग के खेल में (प्रवर्तन निदेशालय) द्वारा गिरफ्तार किए जा चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक, इस बार उनके आवास से भारी मात्रा में नकदी भी बरामद हुई है।3. निलय सिंह गुप्ता: इन्हें पूर्व मुख्य सचिव विनय चौबे का करीबी माना जाता है। आरोप है कि मंत्रालयों में ट्रांसफर-पोस्टिंग और फाइलों के निपटारे में इनका ‘साम्राज्य’ चलता था और बिना इनकी सहमति के काम होना मुश्किल था।
जमशेदपुर में दिनभर चली छापेमारी और पूछताछ
शुक्रवार सुबह हुई इस गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को जमशेदपुर के विभिन्न स्थानों पर रखकर पूछताछ की गई। दो आरोपियों को बिष्टुपुर थाना में रखा गया। एक अन्य आरोपी से सिटी एसपी के आवास पर गहन पूछताछ की गई।सूत्रों का दावा है कि इस पूरी कार्रवाई में एसीबी की टीम भी सक्रिय रूप से शामिल है।
रडार पर कई बिल्डर और भू-माफिया
इस कार्रवाई ने जमशेदपुर के रियल एस्टेट जगत में भी खलबली मचा दी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार इन तीनों से मिली जानकारी के आधार पर शहर के कई बड़े बिल्डर और भू-माफिया अब जांच के दायरे में हैं। जमीन के कागजों में हेरफेर और सरकारी जमीनों के अवैध हस्तांतरण के सिंडिकेट का पर्दाफाश होने की उम्मीद है। देर शाम तक तीनों को रांची ले जाने की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी थी, जहाँ उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा।
