
जमशेदपुर:बिष्टुपुर थाना क्षेत्र के रामदास भट्टा में 9 अक्टूबर की शाम ठेकेदार फिरदौस के आठ वर्षीय बेटे आरिश गद्दी के अपहरण मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। बिष्टुपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बच्चे को पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद से सकुशल बरामद कर लिया है। इस अपहरण कांड को फिरदौस के पास काम करने वाले मजदूरों ने अंजाम दिया था।
सीनियर एसपी के निर्देश पर हुआ टीम का गठन
बच्चे के अपहरण की सूचना मिलते ही पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए, सीनियर एसपी के निर्देश पर तत्काल एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। इस टीम का नेतृत्व डीएसपी मनोज ठाकुर और बिष्टुपुर थाना प्रभारी कर रहे थे। परिवार के लोगों ने भी अपने स्तर से अपहर्ताओं का पता लगाने का प्रयास किया।पुलिस टीम, बिष्टुपुर थाना प्रभारी के नेतृत्व में परिवार के कुछ सदस्यों के साथ तत्काल पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद पहुंची। पुलिस की सक्रियता और सघन खोजबीन के परिणामस्वरूप, बच्चे को मुर्शिदाबाद से सकुशल बरामद कर लिया गया।
एक आरोपी गिरफ्तार, दो की तलाश जारी
इस अपहरण कांड में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। हालांकि, घटना को अंजाम देने वाले दो अन्य मजदूरों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस अभी भी लगातार छापेमारी कर रही है। शनिवार को सीटी एसपी कुमार शिवाशीष ने प्रेस वार्ता कर इस मामले की विस्तृत जानकारी दी और बच्चे की सकुशल बरामदगी की पुष्टि की।
पैसों के लेनदेन का विवाद
अपहृत बच्चे के चाचा ने मीडिया को बताया कि अपहरणकर्ता मजदूर पिछले 8 वर्षों से उनके भाई फिरदौस के साथ काम कर रहे थे। उन्होंने आशंका जताई कि अपहरण के पीछे पैसों के कुछ लेनदेन का विवाद हो सकता है। हालांकि, ठेकेदार फिरदौस (बच्चे के पिता) का साफ कहना है कि उनकी तरफ से कोई भी पैसा बकाया नहीं है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के आधार पर मामले के वास्तविक कारणों और अन्य फरार आरोपियों की तलाश कर रही है।
परिजनों ने पुलिस टीम को किया सम्मानित
बच्चे की सकुशल वापसी से भावुक हुए परिवार के लोग एसपी कार्यालय पहुंचे और टीएसपी, डीएसपी मनोज ठाकुर और बिष्टुपुर थाना प्रभारी को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। परिजनों ने पुलिस की इस तेज और सफल कार्रवाई के लिए उनका आभार व्यक्त किया।
