
जमशेदपुर: ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन (AIKKMS) ने आज उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति को एक महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपा है। संगठन की मुख्य मांग है कि देश भर में कृषि योग्य भूमि को कम दामों पर पूंजीपतियों को दिए जाने की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए।
किसानों की जीविका पर गहरा संकट
संगठन के सदस्यों ने इस अवसर पर कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों की नीतियों के कारण, किसानों की जमीन धीरे-धीरे उद्योगपतियों और कॉर्पोरेट घरानों के हाथों में जा रही है। इस प्रक्रिया ने किसानों के सामने एक गंभीर जीविका का संकट खड़ा कर दिया है।संगठन ने बताया कि:”किसानों में अपनी भूमि छिन जाने का भय लगातार गहराता जा रहा है। इसी तनाव और भविष्य की अनिश्चितता के कारण देश के कई किसान आत्महत्या जैसा दुखद कदम उठाने पर मजबूर हो रहे हैं।”
राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की अपील
संगठन ने राष्ट्रपति से अपील की है कि वे इस गंभीर राष्ट्रीय मुद्दे पर तुरंत संज्ञान लें। उन्होंने मांग की कि किसानों की जमीन की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उनकी आजीविका बचाने के लिए सरकार ठोस और प्रभावी कदम उठाए।संगठन का मानना है कि कृषि भूमि का संरक्षण देश की खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत आवश्यक है, और इसे व्यावसायिक हितों के लिए गंवाया नहीं जाना चाहिए।ज्ञापन में किसानों के हितों की रक्षा के लिए कानूनी और नीतिगत बदलावों की आवश्यकता पर ज़ोर दिया गया है।
