जमशेदपुर के सूर्य मंदिर में 1100 जरूरतमंद व्रतियों को मिलेगा नि:शुल्क पूजन सामग्री, घाटों पर स्वच्छ जल और सांस्कृतिक संध्या की तैयारी पूरी

जमशेदपुर।आस्था, श्रद्धा और सूर्योपासना का महापर्व छठ जैसे-जैसे करीब आ रहा है, लौहनगरी जमशेदपुर का माहौल भक्ति और उल्लास से सराबोर होता जा रहा है। शहर के सूर्य मंदिर परिसर में इस वर्ष भी भव्य आयोजन की तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। सूर्य मंदिर समिति की ओर से इस बार 1100 जरूरतमंद व्रतधारियों को नि:शुल्क संपूर्ण छठ पूजन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।

जरूरतमंद व्रतधारियों के लिए विशेष व्यवस्था

समिति के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने बताया कि पूजन सामग्री और फल-सामग्री का वितरण 26 अक्टूबर (रविवार) को सुबह 10 बजे से किया जाएगा। यह वितरण पूर्व में जारी कूपन के आधार पर होगा। व्रतधारियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए समिति की ओर से विशेष प्रबंध किए गए हैं।

छठ घाट श्रद्धालुओं के लिए खुले रहेंगे

छठ के अवसर पर 27 अक्टूबर (सोमवार) को दोपहर 2 बजे से सूर्य मंदिर के सभी प्रवेश द्वार श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। श्रद्धालु “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर अर्घ्यदान कर सकेंगे। मंदिर परिसर के सभी घाटों पर स्वच्छ और निर्मल जल की व्यवस्था की गई है ताकि श्रद्धालु निर्बाध रूप से सूर्यदेव को अर्घ्य अर्पित कर सकें।

सांस्कृतिक संध्या में लोकधुनों की गूँज

छठ की संध्या को और यादगार बनाने के लिए सूर्य मंदिर परिसर स्थित शंख मैदान में एक सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में प्रसिद्ध लोकगायिकाएँ डिंपल भूमि और मानवी सिंह अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं का मन मोह लेंगी।

विशिष्ट अतिथि रहेंगे उपस्थित

इस अवसर पर ओडिशा के पूर्व राज्यपाल एवं झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास अपने परिवार के साथ सूर्य मंदिर के छठ घाट पर उपस्थित रहेंगे और भगवान भास्कर को अर्घ्य अर्पित करेंगे।

रंग-बिरंगी रोशनी में नहाएगा सूर्य मंदिर

समिति के संरक्षक चंद्रगुप्त सिंह, अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह और अन्य वरिष्ठ सदस्यों ने बुधवार को तैयारियों की समीक्षा की। समिति ने बताया कि इस वर्ष दोनों छठ घाटों को आकर्षक विद्युत सज्जा, रंग-बिरंगी लाइटिंग और फूलों की सजावट से सजाया जाएगा, ताकि श्रद्धालु छठ महापर्व के दिव्य अनुभव का आनंद ले सकें।

समिति की अपील

सूर्य मंदिर समिति ने शहरवासियों से अपील की है कि वे इस महापर्व को श्रद्धा, स्वच्छता और सामूहिक सौहार्द के साथ मनाएँ। समिति ने श्रद्धालुओं से यह भी आग्रह किया है कि वे घाटों की स्वच्छता बनाए रखें और प्रशासन व स्वयंसेवकों के निर्देशों का पालन करें।

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