
जमशेदपुर :सिख समाज के प्रथम गुरु श्री गुरु नानक देव जी के 556वें प्रकाश पर्व को लेकर जमशेदपुर में श्रद्धा और उल्लास का माहौल है। शहरभर के गुरुद्वारों में इस पवित्र पर्व की तैयारियां पूरे जोश और भक्ति भावना के साथ की जा रही हैं। सभी गुरुद्वारों में आकर्षक सजावट, धार्मिक कार्यक्रमों और नगर कीर्तन की रूपरेखा तय की जा चुकी है।
5 नवंबर को सोनारी से निकलेगा भव्य नगर कीर्तन
मुख्य आयोजन के रूप में 5 नवंबर की सुबह सोनारी गुरुद्वारा से भव्य नगर कीर्तन एवं शोभायात्रा निकाली जाएगी।यह नगर कीर्तन सोनारी से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों बिष्टुपुर, साकची होते हुए सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी साकची तक पहुंचेगा।इस दौरान सिख समाज के श्रद्धालु गुरु ग्रंथ साहिब जी की पालकी को सजाकर निहाल स्वरूप में लेकर चलेंगे। पूरे मार्ग में कीर्तन दरबार और धार्मिक भजनों की मधुर ध्वनि गूंजेगी।
34 गुरुद्वारों, 11 स्कूलों और 21 स्त्री संगत समूहों की होगी सहभागिता
इस ऐतिहासिक शोभायात्रा में जमशेदपुर के 34 गुरुद्वारे, 11 सिख स्कूल और 21 स्त्री संगत समूह सक्रिय रूप से भाग लेंगे।शोभायात्रा में निहंग सिखों की गतका कला, बच्चों एवं युवाओं द्वारा धार्मिक प्रस्तुतियां, धार्मिक झांकियां और सेवा पंडाल मुख्य आकर्षण रहेंगे।
शहर सजा धार्मिक रंगों में, हर मार्ग पर स्वागत द्वार
नगर कीर्तन के स्वागत में पूरे शहर को धार्मिक आभा से सजाया जा रहा है।सोनारी, बिष्टुपुर, साकची समेत अन्य प्रमुख मार्गों पर तोरण द्वार (स्वागत द्वार) बनाए जा रहे हैं।सड़कों को फूलों की झालरों, रोशनी और धार्मिक झंडों से सजाया जा रहा है।नगर निगम और पुलिस प्रशासन की ओर से सफाई, यातायात नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियां भी जोरों पर हैं, ताकि कार्यक्रम के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।
लंगर और जल सेवा केंद्र रहेंगे विशेष आकर्षण
नगर कीर्तन के दौरान शहरभर में लंगर सेवा और जल सेवा केंद्रों की व्यवस्था की जा रही है।श्रद्धालुओं को सुविधा देने के लिए सिख नौजवान सभा, स्त्री सत्संग समितियाँ और विभिन्न स्वयंसेवी संगठन लगातार जुटे हुए हैं।
