
जमशेदपुर। बहलदा के पूर्व विधायक प्रहलाद पुर्ती ने महान आदिवासी नेता मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा को “भारत रत्न” सम्मान देने की मांग की है।उन्होंने यह मांग दिल्ली में आयोजित आदिवासी कांग्रेस संगठन के एक दिवसीय संवाद-संचार प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान रखी।
दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में उठाई मांग
दिल्ली में आयोजित इस कार्यक्रम का विषय था — “आदिवासी अधिकार एवं डिजिटल और सोशल मीडिया के माध्यम से संवाद”।इस मौके पर प्रहलाद पुर्ती ने कहा कि जयपाल सिंह मुंडा वह व्यक्तित्व हैं, जिन्होंने आदिवासी समाज को संवैधानिक अधिकार दिलाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई।उन्होंने कहा कि “मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा को ‘भारत रत्न’ दिया जाना न सिर्फ आदिवासी समाज का सम्मान होगा, बल्कि यह निर्णय पूरे देश के लिए गर्व का विषय बनेगा।”
कांग्रेस से जुड़ाव मजबूत होगा: पुर्ती
पूर्व विधायक प्रहलाद पुर्ती ने कहा कि जयपाल सिंह मुंडा को भारत रत्न सम्मान दिए जाने से आदिवासी समाज का राष्ट्रीय कांग्रेस से भावनात्मक जुड़ाव और अधिक प्रगाढ़ होगा।उन्होंने कहा कि आज भी जयपाल सिंह मुंडा के विचार और संघर्ष देश के आदिवासी युवाओं को अपनी पहचान और अधिकारों के लिए प्रेरित करते हैं।
कौन थे मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा
जयपाल सिंह मुंडा को झारखंड ही नहीं, बल्कि पूरे भारत में आदिवासी गौरव के प्रतीक के रूप में जाना जाता है।वे न सिर्फ भारतीय संविधान सभा के सदस्य थे, बल्कि उन्होंने आदिवासी समाज के अधिकारों की मुखर आवाज बनकर देशभर में पहचान बनाई।वे भारत के पहले ऑक्सफोर्ड-शिक्षित हॉकी खिलाड़ी थे और भारतीय हॉकी टीम के पहले कप्तान के रूप में 1928 एम्सटर्डम ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीत चुके थे।
कार्यक्रम में शामिल हुए कई आदिवासी नेता
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में देशभर से आए कांग्रेस के आदिवासी नेता, सोशल मीडिया प्रभारी और युवा कार्यकर्ता शामिल हुए।कार्यक्रम का उद्देश्य आदिवासी समाज के अधिकारों, डिजिटल सशक्तिकरण और मीडिया के माध्यम से जनसंवाद को मजबूत बनाना था।
