
जमशेदपुर। एमजीएम थाना क्षेत्र के तुरियाबेड़ा के पास एनएच पर चल रहे सड़क निर्माण कार्य में लगे ठेकाकर्मी प्रताप सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। मामले में पुलिस ने मृतक के तीन सहकर्मियों जसकरण सिंह, विशाल और अर्षप्रीत सिंह को गिरफ्तार किया है। मृतक के भांजे के बयान के आधार पर तीनों पर हत्या का मामला दर्ज किया गया है।
तीन दिन पुरानी घटना, क्रेन से प्लेट लगाने के दौरान हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, प्रताप सिंह अपने भाइयों और रिश्तेदारों के साथ सड़क चौड़ीकरण कार्य में लगा हुआ था।शनिवार को मजदूर क्रेन की मदद से लोहे की प्लेटें लगाने का काम कर रहे थे।साइट फोरमैन रंजीत सिंह रंधावा के अनुसार—एक प्लेट लग चुकी थी और दूसरी प्लेट लगाने की तैयारी चल रही थी।उन्होंने फोन पर सभी मजदूरों को सावधानी बरतने की हिदायत दी थी।कुछ देर बाद उन्होंने पुनः फोन किया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुआ। थोड़ी ही देर बाद कॉल बैक आया और जानकारी दी गई कि प्रताप सिंह के साथ मारपीट हुई है और उसे अस्पताल ले जाया गया है।
अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
गंभीर रूप से घायल प्रताप सिंह को तुरंत एमजीएम अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।फिलहाल शव को पोस्टमार्टम हाउस के शीतगृह में रखा गया है।प्रताप सिंह पंजाब का रहने वाला था। जानकारी के मुताबिक, उसके परिजन मंगलवार तक जमशेदपुर पहुंचेंगे, जिसके बाद पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
मामले की गहन जांच जारी
एमजीएम थाना पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद प्रताप सिंह की मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि की जा सकेगी।फिलहाल तीनों सहकर्मियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है और उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है।
