
जमशेदपुर। योजनाओं के सुस्त क्रियान्वयन और प्रशासनिक उदासीनता को लेकर जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक सरयू राय ने कड़ा रुख अपनाया है। विधानसभा चुनाव परिणाम के एक वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर बिष्टुपुर स्थित अपने कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने साफ कहा कि अब जनसुविधाओं को दुरुस्त कराने के लिए अधिकारियों पर सख्त दबाव बनाया जाएगा।सरयू राय ने कहा कि कई योजनाएं तैयार होने के बावजूद प्रशासनिक स्वीकृति के अभाव में लंबित पड़ी हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कदमा का कन्वेंशन सेंटर महीनों से फाइलों में अटका हुआ है। डीएम लाइब्रेरी का भवन तो तैयार है, लेकिन लाइब्रेरी अब तक शुरू नहीं हो सकी। बालीगुमा टंकी तक पानी पहुंचाने की परियोजना भी ठप है। उन्होंने कहा कि देशबंधु लाइन क्षेत्र में जलजमाव के समाधान को लेकर उन्होंने व्यक्तिगत रूप से योजनाएं प्रस्तावित की थीं, बजट भी तय है, लेकिन सचिव स्तर से स्वीकृति नहीं मिली।विधायक ने कहा कि अब स्ट्रीट लाइट, पानी, बिजली, सड़क और सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं में ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नगर निगम और जेएनएसी को मिलने वाले नागरिक सुविधा मद का पैसा उसी पर खर्च हो, इसका सार्वजनिक लेखा-जोखा भी देना होगा। उन्होंने कहा कि सड़क-नाली की खराबी का पता लगाना जनप्रतिनिधियों का नहीं, बल्कि प्रशासन के तंत्र का काम है।सामुदायिक भवनों की बदहाली पर भी उन्होंने सवाल उठाए। कहा कि कई लोग इसे व्यवसाय का माध्यम बना चुके हैं, जबकि उद्देश्य सामाजिक उपयोग का था। ठेकेदारों द्वारा अधूरे काम छोड़ देने और वर्क ऑर्डर जारी करने में होने वाली देरी पर भी उन्होंने नाराजगी जताई।आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति पर उन्होंने कहा कि कहीं निजी मकानों में तो कहीं किराए पर केंद्र चलाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अल्पवेतन भोगी कर्मियों को समय पर वेतन देना सरकार की नैतिक जिम्मेदारी है।विधायक ने चेताया कि अगले एक साल तक वह और उनकी टीम आम जनता की सुविधाओं के मुद्दों पर ही फोकस करेंगे और प्रशासन को उसके दायित्वों का पालन कराने के लिए दबाव बनाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अब थानेदारों द्वारा सीधी वसूली की शिकायतें मिल रही हैं, जिसका वे अलग से संज्ञान लेंगे।
40 करोड़ से अधिक की योजनाएं स्वीकृत
सरयू राय ने बताया कि पिछले एक वर्ष में 40 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओं को स्वीकृति या क्रियान्वयन मिला है। इसमें विधायक निधि से 7.16 करोड़, नगर विकास विभाग से 19.16 करोड़, पथ निर्माण विभाग से 10.69 करोड़, ग्रामीण विकास विभाग से 1.01 करोड़ और ज्रेडा से 2.07 करोड़ रुपये की योजनाएं शामिल हैं।उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस वर्ष जनता के अधिकारों और आवश्यक सुविधाओं को सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।
