
जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में शुक्रवार को केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा लाए गए नए श्रम कानूनों के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने श्रम कानून को ‘काला कानून’ बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और श्रम मंत्री मनसुख मांडविया का पुतला दहन कर श्रमिकों के अधिकार हनन के खिलाफ आवाज बुलंद की।
श्रमिकों के अधिकार हनन का आरोप
प्रदर्शन के दौरान जिलाध्यक्ष परविंदर सिंह और वरिष्ठ मजदूर नेताओं ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार लगातार श्रमिकों के अधिकारों का हनन कर रही है, और ये नीतियां सामंतवादी नीति साबित हो रही हैं। नए कानूनों में श्रमिकों से 12-12 घंटे काम लेने का नियम बनाया गया है, जिससे बंधुआ मजदूरी प्रथा का आगमन होगा, मजदूरों पर अत्याचार बढ़ेगा और उनका स्वास्थ्य बिगड़ेगा।पूर्व में किसी भी संस्थान में न्यूनतम 7 कर्मचारियों के होने पर यूनियन गठन की मान्यता मिलती थी, लेकिन नए कानून के कारण यूनियन गठन करने का अधिकार समाप्त किया जा रहा है।नए कानून में श्रमिक जुल्म के खिलाफ आंदोलन करने का अधिकार बदल दिया गया है। अब श्रमिक सरकार के आदेश पर ही धरना-प्रदर्शन कर सकते हैं, जबकि पूर्व में केवल सूचनार्थ प्रेषित कर आंदोलन किया जाता था।
फैक्ट्री इंस्पेक्टर के अधिकार बहाल करने की मांग की गई। आरोप है कि कारखाने का औचक निरीक्षण, सुरक्षा मानकों की जांच और कैंटीन व्यवस्था का निरीक्षण करने जैसे महत्वपूर्ण अधिकार छीन लिए गए हैं।वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मजदूरों के अधिकारों को समाप्त करने की यह साजिश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और श्रम मंत्री मनसुख मांडविया की देखरेख में हो रही है। उन्होंने मांग की कि मजदूर हित में ये नए कानून वापस लिए जाएं।
इस अवसर पर वरिष्ठ कांग्रेस नेतागण में विजय खान, पूर्व जिला अध्यक्ष आनंद बिहारी दुबे, डॉ. परितोष सिंह, रियाजुद्दीन खान, अंसार खान, रजनीश सिंह, सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
