
जमशेदपुर।झारखंड में आगामी निकाय चुनाव की सरगर्मियां तेज हो चुकी हैं, भले ही आधिकारिक अधिसूचना अभी जारी न हुई हो। आशंका जताई जा रही है कि फरवरी-मार्च 2026 में निकाय चुनाव को लेकर अधिसूचना जारी हो सकती है। इस संभावित चुनावी माहौल के बीच, राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।यह चुनाव पार्टी आधारित होगा या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं हुआ है, लेकिन प्रत्याशियों ने अपनी दावेदारी ठोकनी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में, मंगलवार को जमशेदपुर की राजनीति में एक बड़ा मोड़ आया, जब कांग्रेस के नेता जितेंद्र सिंह ने मेयर पद के लिए दावेदारी ठोक कर सबको चौंका दिया।
कांग्रेस के दो धड़ों में दावेदारी
जितेंद्र सिंह ने पिछली बार जमशेदपुर पश्चिम विधानसभा सीट से बागी होकर निर्दलीय चुनाव लड़ा था, हालांकि चुनाव हारने के बाद उन्होंने फिर से कांग्रेस में वापसी कर ली है। उनकी यह दावेदारी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इसी सीट से विधायक और पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता ने भी अपनी पत्नी को मेयर चुनाव लड़ाने का ऐलान किया है।चूंकि बन्ना गुप्ता और जितेंद्र सिंह दोनों ही कांग्रेस के नेता हैं, ऐसे में मेयर पद के लिए कांग्रेस पार्टी के भीतर ही टिकट को लेकर खींचतान होने की संभावना है।
पार्टी आधारित चुनाव पर असमंजस
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि निकाय चुनाव पार्टी के चुनाव चिह्न पर लड़े जाएंगे या नहीं। लेकिन दावेदारों के मैदान में उतरने से यह साफ है कि राजनीतिक माहौल पूरी तरह से तैयार हो चुका है। जितेंद्र सिंह की दावेदारी को बन्ना गुप्ता के राजनीतिक प्रभुत्व को चुनौती देने के रूप में भी देखा जा रहा है।जितेंद्र सिंह ने अपनी दावेदारी ठोक कर जमशेदपुर के संभावित मेयर चुनाव को और अधिक रोचक बना दिया है, और अब सभी की निगाहें कांग्रेस के प्रदेश नेतृत्व पर टिकी हैं कि वह किस उम्मीदवार को समर्थन देता है।
