
राजनगर:सरायकेला-खरसावां जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में शुक्रवार को ‘चलंत लोक अदालत’ का विशेष शिविर एदेल पंचायत के हेंसल गांव में लगाया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना और छोटे-मोटे विवादों का मौके पर ही निपटारा करना था।
बिना खर्च और देरी के मिलेगा न्याय
कार्यक्रम में मौजूद पैनल लॉयर सुकमती हेंसा ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि न्याय अब उनके दरवाजे तक पहुंच चुका है। उन्होंने बताया कि लोक अदालत एक ऐसा मंच है जहां बिना किसी अदालती खर्च और लंबी तारीखों के इंतजार के, आपसी सहमति से मामलों का समाधान निकाला जाता है।
किन समस्याओं का हुआ समाधान?
शिविर के दौरान ग्रामीणों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रखा। पैनल लॉयर और पैरा लीगल वॉलंटियर्स ने मुख्य रूप से निम्नलिखित विषयों पर विस्तृत जानकारी दी और समाधान सुझाए। गलत मीटर रीडिंग और बिल में अनियमितता की शिकायतों पर चर्चा।जमीन का बंटवारा, दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) और कब्जा संबंधी विवाद। छोटे-मोटे झगड़ों को आपसी सुलह से खत्म करने के तरीके। विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए कानूनी अर्हता और अधिकार।
समय और धन दोनों की होगी बचत
सुकमती हेंसा ने ग्रामीणों से अपील की कि वे अपने विवादों को न्यायालय ले जाकर सालों तक खींचने के बजाय लोक अदालत का सहारा लें। इससे न केवल गांव में आपसी भाईचारा बना रहता है, बल्कि समय और धन की भी भारी बचत होती है।
इनकी रही सक्रिय भूमिका
लोक अदालत के सफल संचालन में पैनल लॉयर सुकमती हेंसा के साथ पीएलवी राम सोरेन, ब्रीजेश राय एवं रमेश हांसदा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पीएलवी सदस्यों ने ग्रामीणों को बताया कि कानूनी सहायता के लिए वे कभी भी उनसे संपर्क कर सकते हैं।शिविर के अंत में बड़ी संख्या में उपस्थित ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना की और अपनी समस्याओं के निराकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज और जानकारी प्राप्त की।
