
जमशेदपुर : परसुडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत कीताडीह मदरसा के पास मंगलवार तड़के एक बंद घर में भीषण आग लग गई। यह घर टाटा मोटर्स के सेवानिवृत्त कर्मचारी नोमान का है। घटना के वक्त घर में कोई मौजूद नहीं था, जिसके कारण आग ने विकराल रूप ले लिया और घर के अंदर रखा सारा कीमती सामान जलकर पूरी तरह नष्ट हो गया।
सुबह 6 बजे उठा धुआं, मची अफरातफरी
जानकारी के अनुसार, आग मंगलवार तड़के करीब 4 बजे लगी होगी, लेकिन घर बंद होने के कारण किसी को भनक नहीं लगी। सुबह करीब 6 बजे जब पड़ोसियों ने घर की खिड़कियों और दरवाजों से काला धुआं उठता देखा, तो इलाके में शोर मच गया। देखते ही देखते मोहल्ले के लोग मौके पर जमा हो गए।
फायर ब्रिगेड से नहीं हो सका संपर्क, स्थानीय लोगों ने दिखाया साहस
स्थानीय लोगों ने बताया कि आग बुझाने के लिए तत्काल फायर ब्रिगेड को फोन करने का प्रयास किया गया, लेकिन किन्हीं तकनीकी कारणों से संपर्क नहीं हो सका। स्थिति बिगड़ती देख मोहल्ले के युवाओं ने खुद मोर्चा संभाला। लोगों ने पास के घरों से पानी के मोटर लगाए और पाइप के जरिए आग पर पानी डालना शुरू किया। करीब चार घंटे की कड़ी मेहनत के बाद सुबह 10 बजे तक आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका। यदि लोग सक्रिय नहीं होते, तो आग आसपास के सटे हुए घरों को भी अपनी चपेट में ले सकती थी।
सब कुछ जलकर हुआ राख: लाखों की क्षति
सूचना मिलने पर गृह मालिक नोमान के भांजे मोहम्मद मिनाजुद्दीन मौके पर पहुँचे। उन्होंने घर के अंदर का मंजर देख अपना माथा पकड़ लिया। पीड़ित परिवार के अनुसार सोने-चांदी के आभूषण, बेड, अलमारी, फ्रिज और कीमती कपड़े पूरी तरह जल गए हैं। घर में रखे सभी जरूरी कागजात, बैंक पासबुक और शैक्षणिक प्रमाण पत्र भी आग की भेंट चढ़ गए।प्रारंभिक जांच और परिस्थितियों को देखते हुए आग लगने का मुख्य कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है।
बेघर हुआ परिवार
इस अग्निकांड में सेवानिवृत्त कर्मी नोमान का परिवार पूरी तरह टूट गया है। जीवन भर की जमा पूंजी से घर में जो सामान जुटाया था, वह पल भर में राख के ढेर में तब्दील हो गया। पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन से मुआवजे की गुहार लगाई है ताकि वे दोबारा अपना आशियाना बसा सकें।
