
जमशेदपुर: बारीगोड़ा रेलवे क्रॉसिंग पर सोमवार को हुए दर्दनाक बस हादसे, जिसमें एक 16 वर्षीय किशोरी की जान चली गई थी, उसके बाद अब इस क्षेत्र में बुनियादी ढांचे में सुधार की मांग तेज हो गई है। मंगलवार को जिला पार्षद कुसुम पूर्ति के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने चक्रधरपुर मंडल रेल प्रबंधक तरुण हुरिया से मुलाकात की और बारीगोड़ा में अविलंब रेलवे ओवर ब्रिज बनाने की मांग उठाई।
डीआरएम को दी हादसे की जानकारी
मुलाकात के दौरान जिला पार्षद कुसुम पूर्ति ने डीआरएम को एक दिन पूर्व हुई उस हृदयविदारक घटना से अवगत कराया, जिसमें रेलवे फाटक बंद होने के दौरान ढलान पर खड़ी बस का ब्रेक फेल होने से एक मासूम बच्ची की मौत हो गई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि प्रशासन और रेलवे की अनदेखी का नतीजा है।
‘ट्रेन और राजस्व के साथ जान भी कीमती’
जिला पार्षद ने डीआरएम से तीखे शब्दों में कहा कि रेलवे का ध्यान केवल ट्रेन परिचालन और राजस्व संग्रहण पर नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा रेलवे को जन सुविधाओं और नागरिकों की सुरक्षा का भी समान रूप से ध्यान रखना चाहिए। बारीगोड़ा क्रॉसिंग पर ट्रेनों के भारी दबाव के कारण घंटों फाटक बंद रहता है, जिससे ढलान पर वाहनों की लंबी कतार लगती है और हादसों की संभावना हमेशा बनी रहती है।
आंदोलन की चेतावनी
कुसुम पूर्ति ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि रेलवे प्रशासन ने बारीगोड़ा क्रॉसिंग पर जल्द से जल्द ओवर ब्रिज के निर्माण की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए, तो पंचायत प्रतिनिधि और क्षेत्र की जनता बड़े पैमाने पर उग्र आंदोलन करने को विवश होगी। उन्होंने कहा कि अब और किसी मासूम की जान इस लापरवाही की भेंट नहीं चढ़ने दी जाएगी। उन्होंने ओवरब्रिज का निर्माण जल्द से जल्द शुरू करने के लिए कहा और जब तक निर्माण कार्य शुरू होने तक वहां सुरक्षा के अन्य विकल्प (जैसे स्पीड ब्रेकर या विशेष सुरक्षा गार्ड) सुनिश्चित किए जाएं। फाटक के पास सड़क की ढलान को तकनीकी रूप से सही किया जाए ताकि वाहन पीछे की ओर न लुढ़कें।
