
जमशेदपुर: विद्या की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती की आराधना का पर्व ‘बसंत पंचमी’ शुक्रवार को बिष्टुपुर स्थित जमशेदपुर विमेंस यूनिवर्सिटी (विमेंस कॉलेज) में पारंपरिक श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर कॉलेज परिसर पूरी तरह भक्तिमय नजर आया, जहाँ सैकड़ों छात्राओं ने सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना में भाग लिया।
पीली साड़ियों और पुष्पों से सजा परिसर
बसंत ऋतु के आगमन और ज्ञान की देवी के जन्मोत्सव पर कॉलेज की छात्राओं में भारी उत्साह देखा गया। परंपरा के अनुसार, अधिकांश छात्राएं पीले रंग के वस्त्रों (पीताम्बरी) में नजर आईं, जो बसंत का प्रतीक है। मां सरस्वती की प्रतिमा को अत्यंत कलात्मक ढंग से सजाया गया था, जहाँ सुबह से ही पुष्पांजलि अर्पित करने के लिए छात्राओं की लंबी कतारें लगी रहीं।
मंत्रोच्चार और वंदना से गूँजा परिसर
पुरोहितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से पूजा संपन्न कराई गई। छात्राओं ने “या कुन्देन्दुतुषारहारधवला…” और मां सरस्वती की आरतियों का गायन कर शिक्षा और कला के क्षेत्र में सफलता का आशीर्वाद मांगा। पूजा के पश्चात सभी के बीच प्रसाद का वितरण किया गया।
सांस्कृतिक और आध्यात्मिक मिलन
पूजा के दौरान छात्राओं ने न केवल धार्मिक अनुष्ठान में हिस्सा लिया, बल्कि एक-दूसरे को बसंत पंचमी की शुभकामनाएं भी दीं। छात्राओं ने कहा कि विमेंस कॉलेज में सरस्वती पूजा का आयोजन उनके लिए केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि अपनी संस्कृति और कला से जुड़ने का एक बड़ा माध्यम है।
शिक्षकों और कर्मियों की रही उपस्थिति
इस पावन अवसर पर कॉलेज की शिक्षिकाएं, कर्मचारी और प्रबंधन से जुड़े लोग भी मौजूद रहे। उन्होंने छात्राओं को बसंत पंचमी की बधाई दी और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। कॉलेज प्रशासन द्वारा सुरक्षा और सुव्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे ताकि छात्राओं को पूजा और दर्शन में कोई असुविधा न हो।
