
जमशेदपुर: लौहनगरी में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और आम जनता को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए शिक्षा निकेतन स्कूल, टेल्को के विद्यार्थियों ने एक सराहनीय पहल की है। स्कूल के ‘ड्रामैटिक क्लब’ के छात्र-छात्राओं ने स्कूल परिसर से बाहर निकलकर शहर के मुख्य चौराहे पर एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक का मंचन किया।
अभिनय के जरिए दिया ‘जीवन रक्षा’ का संदेश
छात्रों ने अपने सजीव अभिनय के माध्यम से उन छोटी-छोटी लापरवाहियों को उजागर किया, जो अक्सर बड़े हादसों का सबब बनती हैं। नाटक के दौरान दर्शकों को झकझोरने वाले तीन प्रमुख विषयों पर ध्यान केंद्रित किया गया ।गाड़ी चलाते समय फोन पर बात करना या मैसेज देखना कैसे जानलेवा साबित हो सकता है, इसे प्रभावी ढंग से दर्शाया गया। खतरनाक मोड़ों और ऊंचे स्थानों पर सेल्फी लेने के चक्कर में अपनी जान जोखिम में डालने वाले युवाओं को कड़ी चेतावनी दी गई।नशे की हालत में वाहन चलाने से न केवल चालक बल्कि निर्दोष राहगीरों की जान को होने वाले खतरे को भावुकतापूर्ण तरीके से प्रस्तुत किया गया।
“सड़क सुरक्षा, जीवन रक्षा” के नारों से गूँजा चौराहा
नाटक के समापन पर विद्यार्थियों ने हाथों में तख्तियां लेकर “सड़क सुरक्षा, जीवन रक्षा” जैसे नारे लगाए। उन्होंने राहगीरों से अपील की कि वे अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनें और कार चलाते समय सीट बेल्ट का प्रयोग करें। छात्रों के इस जज्बे को देखकर वहां मौजूद राहगीरों ने रुककर न केवल नाटक देखा, बल्कि तालियों के साथ उनका उत्साहवर्धन भी किया।
जिम्मेदार नागरिक बनाने की पहल: सुमिता डे
स्कूल की प्राचार्या श्रीमती सुमिता डे ने छात्रों के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा हमारा उद्देश्य केवल किताबी शिक्षा देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को एक जिम्मेदार नागरिक बनाना है। समाज में सुरक्षा की भावना को बढ़ावा देने के लिए ऐसे जागरूकता कार्यक्रम अत्यंत आवश्यक हैं। जब बच्चे खुद समाज को जागरूक करते हैं, तो उसका प्रभाव अधिक गहरा होता है।
राहगीरों ने की सराहना
चौराहे पर मौजूद लोगों ने बताया कि बच्चों के अभिनय ने उन्हें सोचने पर मजबूर कर दिया है। विशेषकर सेल्फी और मोबाइल के खतरों को लेकर छात्रों द्वारा दिखाए गए दृश्यों की काफी चर्चा रही।
