
जमशेदपुर : स्थानीय डॉ. श्रीकृष्ण सिन्हा संस्थान में शनिवार को केंद्रीय बजट 2026-27 के विभिन्न पहलुओं पर एक विशेष चर्चा सत्र का आयोजन किया गया। इस दौरान शहर के प्रमुख शिक्षाविदों और संस्थान के पदाधिकारियों ने बजट की सामाजिक और आर्थिक उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने एक स्वर में इस बजट को देश की प्रगति और समाज के अंतिम व्यक्ति के सशक्तिकरण का मार्ग प्रशस्त करने वाला बताया।
संतुलित और गरीब-मजदूरों का हितैषी बजट: डॉ. आरसी
संस्थान के प्रधान सचिव डॉ. हरिबल्लभ सिंह ‘आरसी’ ने बजट की व्यापक सराहना करते हुए इसे एक ‘संतुलित और दूरदर्शी दस्तावेज’ करार दिया। उन्होंने कहा यह बजट न केवल देश की आर्थिक बुनियाद को मजबूत करता है, बल्कि गरीब मजदूरों के हितों की रक्षा करने के लिए भी प्रतिबद्ध है। यह प्रगति के पथ पर एक समावेशी कदम है।
चार स्तंभों—गरीब, युवा, किसान और महिलाओं पर केंद्रित
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित अरका जैन विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति सह संस्थान के सचिव डॉ. अंगद तिवारी ने बजट के तकनीकी और राहत देने वाले पहलुओं का विश्लेषण किया। उन्होंने निम्नलिखित बिंदुओं पर जोर दिया जिसमे दवाओं के दामों में संभावित कमी आम लोगों के लिए बड़ी राहत है।किसानों के लिए बजट में किए गए विशेष प्रावधान सरकार की प्राथमिकता को दर्शाते हैं।कौशल विकास और रोजगार के नए अवसरों पर ध्यान केंद्रित करना सरकार की दूरदर्शिता का प्रमाण है। महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए बजट में विशेष रोडमैप तैयार किया गया है।
शिक्षक समाज ने किया दूरगामी प्रभावों पर विचार-विमर्श
सत्र के दौरान विद्यालय के सभी शिक्षक और शिक्षिकाओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया। चर्चा में यह बात उभरकर आई कि बजट में शिक्षा और तकनीक के समन्वय पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।कार्यक्रम का प्रभावी संचालन और धन्यवाद ज्ञापन विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती पूर्णिमा त्रिपाठी द्वारा किया गया।
