
सरायकेला : सरायकेला-खरसावां जिले के कांड्रा थाना अंतर्गत लहाकोठी इलाके से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहाँ रहने वाले डॉ. गंगाधर महतो के इकलौते पुत्र प्रकाश महतो (27 वर्ष) ने शनिवार रात अपने ही घर में फांसी लगाकर जीवनलीला समाप्त कर ली। प्रकाश देहरादून में रहकर मेडिकल की पढ़ाई कर रहा था, और उसकी मौत की खबर से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
कमरे में फंदे से लटका मिला शव
परिजनों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रकाश महतो महज पांच दिन पूर्व ही देहरादून से अपने घर वापस आया था। शनिवार की देर रात जब परिजन उसके कमरे की ओर गए, तो उसे फंदे से लटका हुआ पाया। आनन-फानन में परिवार वालों ने उसे फंदे से नीचे उतारा और तुरंत जमशेदपुर स्थित टीएमएच (टाटा मुख्य अस्पताल) ले गए। वहां प्राथमिक जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इकलौते पुत्र की मौत से टूटा दुखों का पहाड़
प्रकाश अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था। एक होनहार छात्र और भविष्य के डॉक्टर की इस तरह अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घर में मातम पसरा हुआ है और माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय निवासियों के लिए भी यह विश्वास करना मुश्किल हो रहा है कि पांच दिन पहले ही घर लौटे प्रकाश ने ऐसा आत्मघाती कदम उठा लिया।
जांच में जुटी कांड्रा थाना पुलिस
घटना की सूचना मिलते ही कांड्रा थाना पुलिस सक्रिय हुई। पुलिस ने टीएमएच पहुंचकर शव का पंचनामा किया और कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए उसे पोस्टमार्टम के लिए जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल भेज दिया।
पुलिसिया कार्रवाई के मुख्य बिंदु
आत्महत्या का कारण: फिलहाल पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। आत्महत्या के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है।पुलिस प्रकाश के दोस्तों और परिजनों से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या वह किसी मानसिक तनाव या निजी समस्या से जूझ रहा था।
इलाके में शोक का माहौल
इस घटना ने छात्र जीवन में बढ़ते मानसिक दबाव और अवसाद जैसे गंभीर विषयों पर एक बार फिर चर्चा छेड़ दी है। प्रकाश महतो की मौत पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
