
सरायकेला : झारखंड की समृद्ध आदिवासी संस्कृति के प्रतीक ‘बाहा पर्व’ को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। आदिवासी दिशोम जाहेरगाढ़, सीनी की ओर से आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में निर्णय लिया गया है कि आगामी 1 मार्च (रविवार) को भव्य ‘बाहा पर्व महोत्सव’ मनाया जाएगा। बैठक की अध्यक्षता मांझी बाबा कानूराम मांझी ने की, जिसमें समाज के विभिन्न गणमान्य लोग और ग्राम प्रधान शामिल हुए।
पारंपरिक रीति-रिवाज और भव्य सांस्कृतिक आयोजन
बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि महोत्सव का आयोजन पूरी तरह से पारंपरिक स्वरूप में होगा। महोत्सव की सफलता के लिए क्षेत्र के सभी गांवों के मांझी बाबाओं को पारंपरिक तरीके से ‘नेवता गिरा’ (निमंत्रण) भेजने पर चर्चा हुई। इस वर्ष भी महोत्सव में विभिन्न आदिवासी सांस्कृतिक नृत्य दलों को आमंत्रित किया जा रहा है, जो अपनी कला के माध्यम से बाहा पर्व की छटा बिखेरेंगे।आयोजन के दौरान समाज के विशिष्ट और वरिष्ठ लोगों को सम्मानित करने का भी निर्णय लिया गया है।
2009 से निरंतर जारी है परंपरा
बैठक के दौरान बताया गया कि सीनी में बाहा महोत्सव का आयोजन वर्ष 2009 से लगातार किया जा रहा है। पिछले 17 वर्षों में यह आयोजन क्षेत्र का एक प्रमुख सांस्कृतिक पहचान बन चुका है। जाहेरगाढ़ परिसर की साफ-सफाई और पूजा की विशेष व्यवस्था के लिए अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं।
आयोजन समिति का गठन
कार्यक्रम के व्यवस्थित संचालन के लिए कान्हुराम माझी को आयोजन समिति का अध्यक्ष चुना गया है। उनके नेतृत्व में विभिन्न उप-समितियां उत्सव की तैयारियों की निगरानी करेंगी।
बैठक में मौजूद प्रमुख व्यक्ति
इस तैयारी बैठक में आदिवासी समाज के कई दिग्गज उपस्थित थे, जिनमें मुख्य रूप से कान्हुराम मांझी (अध्यक्ष),दिवाकर सोरेन (दुगनी परगाना बाबा),बाबलु मुर्मू (नायके बाबा),जवन्ती मुर्मू (सीनी मुखिया),सुर्यमनी हेम्ब्राम (मोहितपुर मुखिया),अलादी हांसदा, मंगला सरदार, योगेश्वर किस्कू, सुखलाल सोरेन, विशाल हांसदा, जगदीश सोरेन, तारकनाथ मांझी एवं दीपक मांझी सहित अन्य समाज के लोग मौजूद रहे।
