
जमशेदपुर: स्वामी सहजानंद सरस्वती कल्याण संस्थान, जमशेदपुर द्वारा भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी और किसान नेता स्वामी सहजानंद सरस्वती जी की 137वीं जयंती को ऐतिहासिक बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। रविवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता में संस्थान के अध्यक्ष दीपू सिंह ने कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा साझा की। उन्होंने बताया कि इस वर्ष जयंती समारोह को ‘पारिवारिक मिलन समारोह’ के रूप में भव्यता के साथ मनाया जाएगा।
झारखंड और बिहार के समाजबंधु होंगे शामिल
संस्थान के अध्यक्ष दीपू सिंह ने बताया कि आगामी 22 मार्च को आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में झारखंड और बिहार के कोने-कोने से ब्राह्मण समाज (परशुराम वंशज) के लोगों को आमंत्रित किया जाएगा। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज में एकजुटता लाना और स्वामी जी के विचारों को युवा पीढ़ी तक पहुँचाना है।
चार सत्रों में होगा कार्यक्रम: वैवाहिक समस्याओं पर भी होगी चर्चा
22 मार्च को प्रातः 10 बजे से शुरू होने वाला यह कार्यक्रम कुल चार विशेष सत्रों में विभाजित रहेगा।
प्रथम सत्र (जीवनी और परिचर्चा): इसमें स्वामी सहजानंद सरस्वती जी के जीवन संघर्ष और सामाजिक योगदान पर वक्ता अपने विचार रखेंगे। साथ ही, समाज की वर्तमान चुनौती ‘बढ़ती उम्र में विवाह: कारण और समाधान’ विषय पर एक गंभीर परिचर्चा आयोजित की जाएगी।
द्वितीय सत्र (सामाजिक समरसता): इस सत्र में एक कार्यशाला होगी, जिसमें जमशेदपुर के विभिन्न समुदायों और समाजों के प्रमुख प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे, ताकि सामाजिक ताने-बाने को और मजबूत किया जा सके।
तृतीय सत्र (सम्मान समारोह): शिक्षा, खेलकूद, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में अपनी मेधा से समाज का नाम रोशन करने वाले प्रतिभावान युवाओं और विशेषज्ञों को सम्मानित किया जाएगा।
चौथा सत्र (सांस्कृतिक संध्या): झारखंड और बिहार के कलाकारों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। कार्यक्रम का समापन रात्रि में सामूहिक सहभोज के साथ होगा।
प्रेस वार्ता में उपस्थित सदस्य
इस महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता के दौरान संस्थान की कोर टीम के सदस्य उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य रूप से जयकुमार, सियाराम, रितिक, सुधांशु, निखिल, कृष्णा, शिव, आशीष, आलोक, कार्तिक, राकेश, राजीव तिवारी, राजीव, राजकुमार और गोपाल शामिल थे। सभी सदस्यों ने समाज के लोगों से इस उत्सव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है।
