
आदित्यपुर : टाटानगर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के बढ़ते दबाव को कम करने के लिए रेलवे ने मास्टर प्लान तैयार कर लिया है। दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक अरुण मिश्रा ने मंगलवार को आदित्यपुर रेलवे स्टेशन का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने घोषणा की कि आदित्यपुर को ‘सैटेलाइट स्टेशन’ के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे न केवल टाटानगर का भार कम होगा, बल्कि स्थानीय यात्रियों को भी विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी।
नए फुटओवर ब्रिज और दिव्यांगों के लिए विशेष सुविधाएं
निरीक्षण के दौरान जीएम ने बताया कि स्टेशन के आधुनिकीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है। स्टेशन पर एक नया अत्याधुनिक फुटओवर ब्रिज बनाया जा रहा है।दिव्यांग और बुजुर्ग यात्रियों की सुविधा के लिए इस ब्रिज में लिफ्ट और रैंप की व्यवस्था होगी।प्लेटफॉर्म का विस्तार और अन्य आवश्यक सुविधाओं में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की जाएगी।
मई तक पूरी होगी थर्ड लाइन, थमेगी ट्रेनों की लेटलतीफी
रेल परिचालन को सुगम बनाने के लिए जीएम ने एक बड़ी समय-सीमा (डेडलाइन) साझा की। उन्होंने कहा कि आदित्यपुर-टाटानगर-आसनबनी थर्ड लाइन का कार्य मई 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा। थर्ड लाइन शुरू होने से इस सेक्शन की क्षमता बढ़ेगी और मालगाड़ियों के कारण एक्सप्रेस व पैसेंजर ट्रेनों की लेटलतीफी में भारी कमी आएगी।आदित्यपुर स्थित महत्वपूर्ण सीएनडब्ल्यू कोचिंग डिपो में अतिरिक्त लाइन बिछाने का कार्य भी अंतिम चरण में है।
रेलवे बोर्ड को भेजा गया नई ट्रेनों का प्रस्ताव
महाप्रबंधक ने स्पष्ट किया कि दक्षिण पूर्व रेलवे के लिए आदित्यपुर एक सामरिक महत्व का स्टेशन है। यहाँ से अब तक चार नई ट्रेनों का परिचालन शुरू किया जा चुका है। टाटानगर में ‘कंजेशन’ (भीड़भाड़) की समस्या को देखते हुए आदित्यपुर से और अधिक ट्रेनें शुरू करने का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा गया है।
ट्रेनों के बंद होने पर दी सफाई
हाल के दिनों में कुछ ट्रेनों के बंद होने पर उठ रहे सवालों पर जीएम ने कहा कि जिन गाड़ियों में ऑक्यूपेंसी (यात्रियों की संख्या) बेहद कम थी, केवल उन्हें ही स्थगित किया गया है। इसका कोविड काल से कोई संबंध नहीं है, यह एक नियमित परिचालन प्रक्रिया है।
“आदित्यपुर को सैटेलाइट स्टेशन बनाना हमारी प्राथमिकता है। यहाँ बुनियादी ढांचे को मजबूत कर हम टाटानगर के दबाव को प्रभावी ढंग से प्रबंधित कर सकेंगे।” — अरुण मिश्रा, जीएम, दक्षिण पूर्व रेलवे
निरीक्षण के दौरान चक्रधरपुर मंडल के डीआरएम तरुण हरिया सहित रेलवे के कई तकनीकी और परिचालन शाखा के वरीय अधिकारी मौजूद थे।
