
जमशेदपुर: लौहनगरी के एमजीएम थाना क्षेत्र में पुलिस ने संगठित अपराध के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। बुधवार को एनएच-33 स्थित बजरंग पार्किंग के समीप पुलिस ने एक ऐसे गैरेज पर छापा मारा, जहाँ चोरी के हाईवा का हुलिया और पहचान बदलकर उन्हें बाजार में खपाने का काला खेल चल रहा था।
गुप्त सूचना पर गैरेज में दबिश
एमजीएम थाना प्रभारी सचिन दास को गुप्त जानकारी मिली थी कि गुड्डन नामक व्यक्ति के गैरेज में संदिग्ध गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा है। सूचना के अनुसार, यहाँ बाहरी राज्यों या अन्य जिलों से चोरी कर लाए गए हाईवा की पहचान पूरी तरह मिटा दी जाती थी। पुलिस ने बिना समय गंवाए टीम गठित कर मौके पर दबिश दी।
ऐसे बदला जाता था वाहनों का ‘इतिहास’
पुलिस की प्राथमिक जांच में वाहन चोरी के इस रैकेट की कार्यप्रणाली का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।चोरी के हाईवा के असली इंजन और चेचिस नंबर को घिसकर या काटकर बदल दिया जाता था। पुराने और चोरी के वाहनों का नया रंग-रोगन किया जाता था ताकि वे शोरूम कंडीशन में दिखें। पहचान बदलने के बाद इन वाहनों के लिए जाली रजिस्ट्रेशन और परमिट तैयार किए जाते थे। पूरी प्रक्रिया के बाद इन वाहनों को अनजान ग्राहकों को ऊंचे दामों पर बेच दिया जाता था।
पुलिस को देख भागे आरोपी, 2 हाईवा जब्त
छापेमारी के दौरान पुलिस के पहुँचने की भनक लगते ही मुख्य आरोपी गुड्डन और उसके कर्मचारी गैरेज छोड़कर फरार होने में सफल रहे। पुलिस ने मौके से दो संदिग्ध हाईवा जब्त किए हैं, जिन पर नंबर बदलने का काम आधा अधूरा था। तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों की जांच में वे पूरी तरह जाली पाए गए हैं।
फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी
थाना प्रभारी सचिन दास ने बताया कि इस मामले में सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस की विशेष टीमें फरार आरोपियों के संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।
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