
देवघर: देश के जाने-माने उद्योगपति और अडानी समूह के चेयरमैन गौतम अडानी रविवार को झारखंड के देवघर पहुँचे। उन्होंने यहाँ विश्वप्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम में माथा टेका और विधि-विधान के साथ भगवान शिव की पूजा-अर्चना की। अडानी की इस यात्रा को लेकर मंदिर परिसर और जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
आध्यात्मिक दर्शन और राष्ट्र कल्याण की कामना
रविवार दोपहर कड़ी सुरक्षा के बीच गौतम अडानी मंदिर परिसर पहुँचे। मंदिर प्रशासन और तीर्थ पुरोहितों ने पारंपरिक तरीके से उनका भव्य स्वागत किया। ज्योतिर्लिंग के दर्शन के उपरांत उन्होंने राष्ट्र और प्रदेश की उन्नति व सुख-समृद्धि की कामना की। दर्शन के बाद उन्होंने मंदिर परिसर का संक्षिप्त भ्रमण किया और स्थानीय पुजारियों से यहाँ के धार्मिक महत्व और इतिहास पर चर्चा की।
वीआईपी मूवमेंट और श्रद्धालुओं का उत्साह
अडानी जैसे बड़े उद्योगपति के आगमन को देखते हुए मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही। वीआईपी मूवमेंट के बावजूद आम श्रद्धालुओं की सुविधा का ध्यान रखा गया। इस दौरान मंदिर में मौजूद भक्तों के बीच भी उन्हें देखने का विशेष उत्साह नजर आया।
आध्यात्मिक दौरा या व्यापारिक निरीक्षण?
यद्यपि इस यात्रा को पूरी तरह से आध्यात्मिक बताया जा रहा है, लेकिन सूत्रों के हवाले से चर्चा है कि देवघर प्रवास के बाद अडानी पिरपैंती क्षेत्र का रुख कर सकते हैं। पिरपैंती में अडानी समूह का एक बड़ा पावर प्रोजेक्ट प्रस्तावित है। माना जा रहा है कि वे प्रोजेक्ट की प्रगति और धरातलीय स्थिति का जायजा ले सकते हैं। हालांकि, आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की गई है।
बैद्यनाथ धाम का महत्व
उल्लेखनीय है कि देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम देश के बारह ज्योतिर्लिंगों में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रखता है। यहाँ साल भर देश-विदेश के दिग्गज राजनेताओं और उद्योगपतियों का आना-जाना लगा रहता है। गौतम अडानी के आगमन से रविवार को मंदिर परिसर में दिन भर हलचल बनी रही।
