जमशेदपुर: मानगो नगर निगम चुनाव के रण में शनिवार शाम 5 बजे आधिकारिक रूप से प्रचार का शोर थम गया है। चुनाव आयोग के निर्देशानुसार ‘साइलेंस पीरियड’ (मौन अवधि) शुरू हो चुकी है और अब मतदान होने में महज कुछ ही घंटे शेष हैं। हालांकि, प्रचार का शोर भले ही बंद हो गया हो, लेकिन शहर की सूरत अब भी चुनावी रंग में रंगी हुई है, जो सीधे तौर पर आदर्श आचार संहिता को चुनौती दे रही है।
प्रचार सामग्री पर सख्ती नहीं, सड़कों पर अब भी होर्डिंग्स का कब्जा
नियमों के अनुसार, आधिकारिक प्रचार समय समाप्त होते ही सार्वजनिक स्थलों से बैनर, पोस्टर और होर्डिंग्स हटा लिए जाने चाहिए। लेकिन मानगो के मुख्य सड़कों, डिमना रोड, बस स्टैंड और वार्डों की गलियों में अब भी प्रत्याशियों की प्रचार सामग्री जस की तस लगी हुई है।
क्या कहता है नियम प्रचार
अवधि समाप्त होने के बाद किसी भी प्रकार का सार्वजनिक प्रदर्शन आचार संहिता का उल्लंघन माना जाता है।
जनता का सवाल
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब लाउडस्पीकर बंद हो सकते हैं, तो ये पोस्टर और बैनर प्रशासन को क्यों नहीं दिखाई दे रहे?
प्रशासन की चेतावनी: उल्लंघन पर होगी कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार, जिला प्रशासन की ओर से उड़नदस्ते और निगरानी टीमों को सक्रिय कर दिया गया है। प्रशासन ने सभी प्रत्याशियों को निर्देश दिए थे कि वे स्वेच्छा से अपनी प्रचार सामग्री हटा लें।आचार संहिता के पालन को लेकर प्रशासन सख्त है। वीडियो ग्राफी के जरिए निगरानी की जा रही है। यदि किसी प्रत्याशी के बैनर-पोस्टर सार्वजनिक संपत्ति पर पाए जाते हैं, तो उन पर उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।” प्रशासनिक सूत्र
शांतिपूर्ण मतदान की अपील
जैसे-जैसे मतदान की घड़ी नजदीक आ रही है, प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। मतदाताओं से अपील की गई है कि वे बिना किसी डर, प्रलोभन या दबाव के अपने मताधिकार का प्रयोग करें। पुलिस ने संवेदनशील बूथों पर अतिरिक्त बल की तैनाती की है ताकि शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित हो सके।
अब सबकी नजरें कल के मतदान पर
अब जब चुनावी सभाएं और रोड-शो बंद हो चुके हैं, प्रत्याशी ‘मौन प्रचार’ के जरिए घर-घर जाकर वोटर्स को साधने की कोशिश कर रहे हैं।
