जमशेदपुर : लौहनगरी में पेट्रोलियम पदार्थों का संकट गहराता जा रहा है। शुक्रवार को शहरवासियों को दोहरा झटका लगा—पहला ईंधन की भारी किल्लत और दूसरा कीमतों में अचानक हुई वृद्धि। कई पेट्रोल पंपों पर ‘स्टॉक खत्म’ के बोर्ड लटके रहे, जबकि जहां तेल उपलब्ध था, वहां हालात बेकाबू दिखे।
कीमतों में भारी उछाल: पेट्रोल ने लगाया शतक
शुक्रवार सुबह से ही पेट्रोल और डीजल की नई दरें लागू कर दी गई हैं, जिससे आम आदमी का बजट बिगड़ गया है। पेट्रोल ₹97.80 से बढ़कर अब ₹100.76 प्रति लीटर हो गया है डीजल ₹92.55 से बढ़कर अब ₹95.68 प्रति लीटर पर पहुंच गया है।ईंधन की कीमतों में करीब 3 रुपये प्रति लीटर तक की यह बढ़ोतरी किल्लत के बीच जनता के लिए ‘करेला और नीम चढ़ा’ जैसी साबित हो रही है।
सुबह 4 बजे से कतारें और डिजिटल पेमेंट पर ‘ब्रेक’
ईंधन पाने की जद्दोजहद में लोग अब रात और सुबह का अंतर भूल चुके हैं। पेट्रोल पाने के लिए लोग तड़के 4 बजे से ही पंपों पर कतार लगा रहे हैं। शहर के कई पंपों पर तकनीकी कारणों या भीड़ का हवाला देकर डिजिटल पेमेंट लेने से मना किया जा रहा है। केवल नकद भुगतान लेने से उन लोगों को भारी परेशानी हो रही है जो कैश लेकर नहीं चलते।
ट्रैफिक पुलिस की तैनाती और सड़कों पर जाम
पंपों के बाहर लगी कतारें अब मुख्य सड़कों तक पहुंच गई हैं, जिससे जमशेदपुर की यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई है। भीड़ और विवाद को देखते हुए जिला प्रशासन ने प्रमुख पेट्रोल पंपों और संवेदनशील मोड़ों पर अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिस बल तैनात किया है।हाईवे और शहर के किनारे स्थित पंपों पर ट्रकों, जेसीबी और भारी वाहनों की कतारों के कारण रुक-रुक कर जाम लग रहा है।
शहर की रफ्तार पर असर
पेट्रोल-डीजल संकट का सीधा असर अब शहर की आर्थिक गतिविधियों पर दिखने लगा है। ऑटो-रिक्शा और मालवाहक वाहनों के कम परिचालन के कारण आवाजाही मुश्किल हो गई है। लोगों में इस बात को लेकर भारी नाराजगी है कि संकट के समय में ही कीमतों में इतनी बड़ी वृद्धि क्यों की गई।
