जमशेदपुर: बारीडीह हाई स्कूल में बीते 11 मई से चल रहे समर स्किल कैंप का आज सफलतापूर्वक समापन हुआ। सीबीएसई के ‘स्किल एजुकेशन’ विजन को धरातल पर उतारते हुए स्कूल ने कक्षा 6 से 8 के विद्यार्थियों के लिए इस विशेष कार्यशाला का आयोजन किया था, जिसमें बच्चों ने आधुनिक और पारंपरिक दोनों तरह के हुनर सीखे।
विविध कौशलों का संगम: रोबोटिक्स से लेकर हस्तशिल्प तक
कैंप के दौरान विद्यार्थियों को उनकी रुचि के अनुसार विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षित किया गया। मुख्य आकर्षण रहे। रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए बच्चों ने भविष्य की तकनीक को समझा। पॉटरी, ब्लू पॉटरी, मास्क मेकिंग, हस्तशिल्प, ग्राफिक नॉवेल और एम्ब्रॉयडरी के जरिए रचनात्मकता का प्रदर्शन।’व्हेन डॉक्टर इज़ नॉट अराउंड’ (प्राथमिक चिकित्सा), ब्यूटी एंड वेलनेस और हर्बल हेरिटेज।फोटोग्राफी, मास मीडिया, मार्केटिंग और फूड प्रिजर्वेशन व बेकिंग।
अभिभावकों ने देखा बच्चों का हुनर
कैंप के अंतिम दिन स्कूल परिसर में एक विशेष प्रदर्शनी आयोजित की गई, जिसमें अभिभावकों को आमंत्रित किया गया था।अभिभावकों ने बच्चों द्वारा बनाए गए मॉडल्स, हस्तशिल्प और फूड आइटम्स को देखा और उनकी सराहना की। कई अभिभावकों ने भी गतिविधियों में हिस्सा लिया, जिससे बच्चों का आत्मविश्वास और बढ़ गया।
व्यावहारिक शिक्षा पर जोर
स्कूल प्रबंधन के अनुसार, इस कैंप का मुख्य उद्देश्य बच्चों को केवल सैद्धांतिक शिक्षा तक सीमित न रखकर उन्हें व्यावहारिक ज्ञान, टीम वर्क और आत्मविश्वास प्रदान करना था। सीबीएसई की स्किल एजुकेशन नीति के तहत यह कैंप विद्यार्थियों को करियर के विविध विकल्पों के प्रति जागरूक करने की एक कोशिश थी।
जीवंत और ज्ञानवर्धक अनुभव
पांच दिनों तक चले इस कैंप में विद्यार्थियों ने भारी उत्साह और जिज्ञासा दिखाई। स्कूल प्रशासन ने इसे एक सफल प्रयोग बताया, जिसने बच्चों को कक्षा की चारदीवारी से बाहर निकलकर कुछ नया करने और सीखने के लिए प्रेरित किया।
