श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी पर उम्रकैद और ₹25 लाख जुर्माने की मांग: भाजपा नेता सतबीर सिंह सोमू ने पीएम मोदी को लिखा पत्र

जमशेदपुर: पंजाब विधानसभा द्वारा हाल ही में पारित ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार कानून 2026’ की गूंज अब झारखंड में भी सुनाई दे रही है। जमशेदपुर के युवा सिख भाजपा नेता सतबीर सिंह सोमू ने इस कानून को राष्ट्रव्यापी स्तर पर लागू करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से विशेष आग्रह किया है।

देशभर में सख्त कानून की आवश्यकता

भाजपा नेता सोमू ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में मांग की है कि केंद्र सरकार संसद का विशेष सत्र बुलाकर इस कानून को पूरे देश में प्रभावी रूप से लागू करे। उन्होंने तर्क दिया कि गुरु ग्रंथ साहिब की पवित्रता और सम्मान को बनाए रखने के लिए एक कठोर और सर्वव्यापी कानून समय की मांग है।

झारखंड में भी पहल की तैयारी

सतबीर सिंह सोमू ने केवल केंद्र ही नहीं, बल्कि राज्य स्तर पर भी अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। उन्होंने घोषणा की है कि वे जल्द ही झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात करेंगे।मुख्यमंत्री को पंजाब में पारित कानून की एक प्रति सौंपी जाएगी।आग्रह किया जाएगा कि झारखंड विधानसभा में भी ऐसा ही विधेयक पारित कर राज्य में लागू किया जाए।

क्या है इस कानून के तहत सजा का प्रावधान?

पंजाब विधानसभा में 13 अप्रैल को सर्वसम्मति से पारित इस विधेयक में बेअदबी के दोषियों के लिए बेहद सख्त सजा तय की गई है जिसमे बेअदबी का दोषी पाए जाने पर उम्रकैद की सजा दी जा सकती है। दोषियों पर ₹25 लाख तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। अन्य श्रेणियों के तहत कम से कम 7 साल की कैद (जिसे 20 साल तक बढ़ाया जा सकता है) और ₹2 लाख से ₹10 लाख तक के जुर्माने का भी जिक्र है। यदि अपराध धार्मिक सद्भाव बिगाड़ने के इरादे से किया गया हो, तो सजा की गंभीरता और बढ़ जाती है।

तीसरी कोशिश में मिली सफलता

उल्लेखनीय है कि पंजाब में बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून बनाने की यह तीसरी और सफल कोशिश रही है। भाजपा नेता सोमू का मानना है कि इस तरह के कड़े दंड के डर से भविष्य में बेअदबी जैसी घटनाओं पर पूरी तरह से विराम लग जाएगा और धार्मिक आस्था को सुरक्षित रखा जा सकेगा।

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