गंगा-दामोदर एक्सप्रेस की एसी बोगी में ‘हाई-टेक’ तस्करी: बाथरूम की छत से बरामद हुई 3 पेटी बीयर, धनबाद आरपीएफ ने तस्करों का सीक्रेट प्लान किया फेल

धनबाद :धनबाद से पटना जाने वाली गंगा-दामोदर एक्सप्रेस में आरपीएफ की मुस्तैदी से शराब तस्करी की एक शातिर साजिश नाकाम हो गई। तस्करों ने ट्रेन के टॉयलेट की फॉल्स सीलिंग (छत) का इस्तेमाल बीयर छिपाने के लिए किया था। आरपीएफ ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर तीन पेटी बीयर बरामद की है।

गुप्त सूचना पर एक्शन: बाथरूम की छत में मिली ‘सीक्रेट कैविटी’

आरपीएफ अधिकारियों के अनुसार, उन्हें ट्रेन में भारी मात्रा में अवैध शराब ले जाए जाने की पुख्ता जानकारी मिली थी।ट्रेन के धनबाद स्टेशन पर रुकते ही आरपीएफ की टीम ने संदिग्ध एसी बोगी में प्रवेश किया।जब टॉयलेट की गहनता से जांच की गई, तो छत का ऊपरी हिस्सा ढीला पाया गया। उसे खोलने पर अंदर छिपाकर रखी गई तीन पेटी बीयर बरामद हुई, जिसे तुरंत जब्त कर लिया गया।

अंतरराज्यीय शराब सिंडिकेट का भंडाफोड़

सुरक्षा और रेलवे सूत्रों के मुताबिक, बरामद शराब की यह खेप एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का हिस्सा है। तस्करों का यह चेन-सिस्टम बेहद योजनाबद्ध तरीके से काम करता है।यह सिंडिकेट बंगाल के कुल्टी व सीतारामपुर, उत्तर प्रदेश के बलिया व बनारस, और झारखंड के धनबाद व हजारीबाग से शराब उठाता है।इन राज्यों से ट्रेनों के गुप्त कोनों में कंसाइनमेंट को लोड किया जाता है, जिसे अंततः शराबबंदी वाले राज्य बिहार के स्थानीय तस्करों (रिसीवर्स) तक पहुँचाया जाता है।

पैकिंग और रूट की एडवांस प्लानिंग

जांच में सामने आया है कि तस्करों का स्थानीय एजेंटों के साथ मजबूत नेटवर्क है। वे सामान्य निरीक्षण और चेकिंग से बचने के लिए आधुनिक पैकिंग और छुपाने की नई तकनीकों (जैसे ट्रेन के पैनल या फॉल्स सीलिंग खोलना) का उपयोग करते है।उन्हें आरपीएफ और जीआरपी के चेक-पॉइंट्स की एडवांस जानकारी होती है, जिससे वे आम दिनों में बच निकलते हैं।

सीसीटीवी और मोबाइल ट्रैकिंग से बड़े सरगनाओं की तलाश

धनबाद आरपीएफ के एक अधिकारी ने बताया कि भले ही इस बार तस्करों के मंसूबे नाकाम कर दिए गए हों, लेकिन रैकेट के मुख्य सरगना अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। आरपीएफ अब पैसेंजर चार्ट, रिजर्वेशन डेटा और स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।झारखंड पुलिस अब बंगाल और उत्तर प्रदेश की सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर इस सिंडिकेट के काले बाजार और मोबाइल लोकेशन को ट्रैक कर रही है।

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