जमशेदपुर : लौहनगरी के जुगसलाई थाना क्षेत्र में मंगलवार को ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। बाइक सवार दो शातिर अपराधियों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर एक 70 वर्षीय बुजुर्ग के सोने के गहने उड़ा लिए। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अपराधियों की तलाश में जुटी है।
सुरक्षा का झांसा देकर दिया वारदात को अंजाम
घटना जुगसलाई स्थित कैलाश टावर के सामने एक पटाखा दुकान के पास हुई। पीड़ित की पहचान जुगसलाई घोड़ा चौक निवासी अनिल नेव (70 वर्ष) के रूप में हुई है। अनिल नेव दुकान के बाहर खड़े थे, तभी बाइक सवार दो युवक उनके पास आए। उन्होंने खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए कहा कि आगे चेन स्नैचिंग की घटना हुई है, इसलिए वे अपने गहने सुरक्षित रख लें।बदमाशों ने बुजुर्ग को डराया और गहने उतारकर कागज में लपेटने को कहा। जैसे ही बुजुर्ग ने अंगूठी और चेन उतारी, अपराधियों ने बड़ी चालाकी से असली गहने बदल लिए या झपटकर रफूचक्कर हो गए।
गमहरिया की ओर भागे अपराधी
वारदात के बाद पीड़ित ने शोर मचाया, लेकिन तब तक अपराधी आंखों से ओझल हो चुके थे। जुगसलाई पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। थाना प्रभारी गुलाम रब्बानी ने बताया कि पुलिस ने इलाके के कई सीसीटीवी कैमरों को खंगाला है। फुटेज में अपराधी वारदात के बाद गमहरिया (सरायकेला-खरसावां) की ओर भागते हुए दिखे हैं।पुलिस की एक विशेष टीम गमहरिया तक के फुटेज खंगाल रही है ताकि अपराधियों के ठिकाने का पता लगाया जा सके।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
जमशेदपुर में खुद को पुलिसकर्मी बताकर बुजुर्गों को निशाना बनाने वाला यह गिरोह काफी समय से सक्रिय है।अपराधी अक्सर अकेले जा रहे बुजुर्गों को रोकते हैं और पुलिस का कार्ड या वर्दी का रौब दिखाकर उन्हें गहने उतारने के लिए मजबूर करते हैं।पुलिस ने शहरवासियों, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों से अपील की है कि वे सड़क पर किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने गहने न उतारें। असली पुलिसकर्मी कभी भी सड़क पर गहने उतरवाने जैसा काम नहीं करते।
प्राथमिकी दर्ज, तलाश जारी
जुगसलाई थाना में इस संबंध में अज्ञात ठगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। थाना प्रभारी ने दावा किया है कि पुलिस के पास अपराधियों के हुलिए और बाइक के संबंध में कुछ महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
