जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित डबल डाउन बार के बाहर करणी सेना के युवा जिला अध्यक्ष हिमांशु सिंह की हत्या के मामले में पुलिस प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। एसएसपी पीयूष पांडे ने लापरवाही के आरोपों के बीच बिष्टुपुर थाना प्रभारी आलोक कुमार दुबे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उनके साथ दो एएसआई और एक आरक्षी को भी सस्पेंड किया गया है। वहीं, बर्मामाइंस थाना प्रभारी निरंजन कुमार को बिष्टुपुर थाने का नया प्रभारी बनाया गया है।
पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल, लोगों ने किया जोरदार प्रदर्शन
घटना के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर लोगों में भारी नाराजगी है। आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी में ही बदमाशों ने हिमांशु सिंह पर चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला कर दिया, जिससे इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के विरोध में बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतर आए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की।
जिला प्रशासन ने डबल डाउन बार को किया सील
हत्या के बाद जिला प्रशासन ने भी सख्त कदम उठाया है। उपायुक्त राजीव रंजन के निर्देश पर उत्पाद विभाग की टीम ने मंगलवार दोपहर बिष्टुपुर स्थित डबल डाउन बार को सील कर दिया। प्रशासन ने पूरे मामले की विस्तृत जांच के आदेश भी जारी किए हैं।
एफआईआर की मांग पर अड़े परिजन, पोस्टमार्टम कराने से किया इनकार
हिमांशु सिंह के परिजनों ने फिलहाल पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि जब तक दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं होती, तब तक वे पोस्टमार्टम नहीं कराएंगे। हिमांशु का शव फिलहाल टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) में रखा गया है।
बार के बाहर चाकूबाजी में गई हिमांशु सिंह की जान
जानकारी के अनुसार शनिवार देर रात डबल डाउन बार में दो पक्षों के बीच विवाद और मारपीट हुई थी। बार से बाहर निकलने के बाद विवाद हिंसक हो गया। आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी में हिमांशु सिंह और प्रत्यूष नामक युवक पर चाकुओं से कई वार किए गए। दोनों को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां हिमांशु सिंह की मौत हो गई, जबकि प्रत्यूष का इलाज जारी है और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस वाहनों में की तोड़फोड़, 24 घंटे का अल्टीमेटम
घटना के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ की। करणी सेना और स्थानीय लोगों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी तथा दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। प्रशासन ने मामले की जांच तेज कर दी है।
