जमशेदपुर: भरत तिवारी एनकाउंटर के खिलाफ साकची गोलचक्कर पर फूटा गुस्सा; भूमिहार सेना युवा मोर्चा ने दी श्रद्धांजलि, न्यायिक जांच की मांग

जमशेदपुर:बिहार में हुए भरत तिवारी के कथित पुलिस एनकाउंटर के खिलाफ देशव्यापी विरोध की आंच अब लौहनगरी जमशेदपुर तक पहुंच गई है। घटना के विरोध और मृतक को न्याय दिलाने की मांग को लेकर साकची गोलचक्कर पर भूमिहार सेना युवा मोर्चा की ओर से एक भव्य श्रद्धांजलि सभा सह विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व ईश्वर सिंह और अमरनाथ सिंह ने संयुक्त रूप से किया, जिसमें शहर के सैकड़ों युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।

दो मिनट का मौन रख दी गई श्रद्धांजलि, उठाए गए सवाल

साकची गोलचक्कर पर एकत्रित हुए लोगों ने सबसे पहले मृतक भरत तिवारी की तस्वीर पर पुष्प अर्पित किए और उनकी आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर मौन श्रद्धांजलि दी।समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ताओं ने बिहार पुलिस की इस थ्योरी पर कई गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जिस तरह से यह पूरी घटना हुई है, वह प्रथम दृष्टया एक सोची-समझी साजिश और फर्जी एनकाउंटर की ओर इशारा करती है। देश के लोकतांत्रिक ताने-बाने में इस तरह की घटनाओं के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए।

“अपराध था तो अदालत सजा देती, कानून को ठेंगा क्यों?

“विरोध प्रदर्शन के दौरान उपस्थित युवाओं ने अपने हाथों में तख्तियां और बैनर ले रखे थे, जिन पर न्याय और उच्चस्तरीय जांच की मांग से जुड़े नारे लिखे हुए थे।नेतृत्वकर्ताओं ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा “अगर भरत तिवारी के खिलाफ कोई आरोप या मामले लंबित थे, तो देश में कानून और अदालतें मौजूद हैं। पुलिस को खुद ही जज और जल्लाद बनने का अधिकार किसने दिया? कानून के तहत पारदर्शी तरीके से कार्रवाई होनी चाहिए थी। इस कथित एनकाउंटर ने पुलिसिया कार्यप्रणाली पर गहरा दाग लगाया है और जब तक इसकी सच्चाई सामने नहीं आती, हमारा विरोध शांत नहीं होगा।”

उच्चस्तरीय न्यायिक जांच की उठी मांग

भूमिहार सेना युवा मोर्चा ने साफ किया कि इस मामले को लेकर केवल बिहार ही नहीं, बल्कि देश के विभिन्न राज्यों और शहरों में समाज के लोग एकजुट हो रहे हैं। जमशेदपुर की इस सभा से पदाधिकारियों ने केंद्र और संबंधित राज्य सरकार से निम्नलिखित मांगें की हैंजिसमें मुख्य रूप से पूरे घटनाक्रम की सिटिंग जज की देखरेख में उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए।एनकाउंटर में शामिल तमाम पुलिस अधिकारियों के कॉल डिटेल्स और मूवमेंट की स्वतंत्र एजेंसी से जांच हो। दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए।वक्ताओं ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जब तक भरत तिवारी के परिवार को इंसाफ नहीं मिल जाता और इस एनकाउंटर का सच देश के सामने नहीं आता, तब तक पूरे कोल्हान प्रमंडल और झारखंड स्तर पर लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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