सासाराम: बिहार सैन्य पुलिस की 321 महिला जवानों का भव्य पारण परेड; शाहाबाद डीआईजी ने दी सलामी, रोहतास-बक्सर की बेटियां हुईं सम्मानित

सासाराम/रोहतास: बिहार के सासाराम स्थित ‘बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस’ महिला बटालियन परिसर में एक ऐतिहासिक और गौरवमयी नजारा देखने को मिला। यहाँ कुल 331 प्रशिक्षु महिला जवानों के कड़े प्रशिक्षण की समाप्ति के बाद भव्य ‘पारण परेड समारोह’ का आयोजन किया गया। इस गौरवशाली मौके पर देश सेवा और सूबे की सुरक्षा की शपथ लेने के बाद कुल 321 प्रशिक्षित महिला जवानों को आधिकारिक रूप से प्रशस्ति पत्र भेंट कर बिहार पुलिस के मुख्य बल में शामिल किया गया।

शाहाबाद प्रक्षेत्र के डीआईजी डॉ. सत्य प्रकाश ने ली परेड की सलामी

इस ऐतिहासिक पारण परेड समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शाहाबाद प्रक्षेत्र के पुलिस उपनिरीक्षक डॉ. सत्य प्रकाश उपस्थित रहे। उन्होंने खुले जिप्सी वाहन में सवार होकर मार्च पास्ट का निरीक्षण किया और महिला जवानों के अनुशासित और शानदार परेड की सलामी ली।इस गरिमामयी समारोह में उनके साथ रोहतास के एसपी रौशन कुमार तथा बीएसएपी महिला बटालियन के कमांडेंट मनोज कुमार भी मुख्य रूप से मंच पर मौजूद रहे और नए जवानों का हौसला बढ़ाया।

रोहतास और बक्सर जिले की महिला जांबाजों का जलवा, मिला विशेष सम्मान

पारण परेड के दौरान महिला जवानों ने अपनी फूर्ती, कदमताल और अनुशासित फॉर्मेशन से मुख्य अतिथि सहित वहां मौजूद सभी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पूरे बुनियादी प्रशिक्षण सत्र और परेड के दौरान रोहतास और बक्सर जिले की महिला जवानों ने शारीरिक व तकनीकी विधाओं में सबसे उत्कृष्ट और बेहतर प्रदर्शन किया।बेहतर प्रदर्शन करने वाली इन जांबाज महिला जवानों को डीआईजी और एसपी के हाथों विशेष सम्मान, मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया, जिससे पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

“हथियार चलाने से लेकर दंगा नियंत्रण तक में निपुण हैं ये बेटियां” — डीआईजी

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि डीआईजी डॉ. सत्य प्रकाश ने कहा कि यह बिहार के लिए बेहद गर्व का दिन है। उन्होंने प्रशिक्षण की बारीकियों पर प्रकाश डालते हुए बताया “महीनों के इस कड़े और अत्याधुनिक बुनियादी प्रशिक्षण को प्राप्त करने के बाद ये महिला जवान अब बिहार की आंतरिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत करेंगी। ट्रेनिंग के दौरान इन्हें न केवल शारीरिक रूप से बल्कि मानसिक रूप से भी बेहद सुदृढ़ और विपरीत परिस्थितियों के अनुकूल बनाया गया है। सख्त अनुशासन के साथ-साथ इन्हें अत्याधुनिक हथियार चलाने, वीआईपी सुरक्षा, काउंटर इंसर्जेंसी और ‘दंगा नियंत्रण’ कैसे किया जाए, इसकी हर तकनीकी ट्रेनिंग दी गई है।”

बिहार के विभिन्न जिलों में संभालेंगी सुरक्षा का मोर्चा

बटालियन प्रबंधन के अनुसार, पासिंग आउट परेड की औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ये सभी 321 नवनियुक्त एवं पूर्ण प्रशिक्षित महिला सिपाही अब बिहार के विभिन्न संवेदनशील जिलों, थानों और सशस्त्र पुलिस बलों की टुकड़ियों में अपनी सेवा देने के लिए रवाना हो जाएंगी। इस बैच के आने से राज्य पुलिस में महिला सशक्तिकरण के साथ-साथ कानून व्यवस्था को बेहतर ढंग से लागू करने में बड़ी मदद मिलेगी।

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