जमशेदपुर: भगवान श्री परशुराम प्राकट्य उत्सव की पूर्व संध्या पर लौहनगरी में आस्था और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला। ब्राह्मण युवा शक्ति संघ द्वारा आयोजित भव्य शोभा यात्रा ने पूरे शहर को भक्तिमय कर दिया। हजारों की संख्या में शामिल श्रद्धालुओं और “जय परशुराम” के नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा।
मुख्य आकर्षण: भगवान परशुराम की आकर्षक झांकी
शोभा यात्रा का सबसे मुख्य आकर्षण रथ पर सजी भगवान श्री परशुराम की भव्य झांकी रही। पारंपरिक वाद्ययंत्रों, डीजे और डंके की थाप पर झूमते युवाओं और श्रद्धालुओं ने शहर के प्रमुख मार्गों से यात्रा निकाली। रास्ते भर लोग भगवान के दर्शन के लिए उमड़ते रहे।
समाज की एकता और नेतृत्व का संदेश
इस अवसर पर समाज के वरिष्ठ प्रतिनिधियों और संरक्षकों ने एकजुटता का संदेश दिया।पूर्व डीएसपी कमल किशोर (संरक्षक) ने कहा कि यह केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि ब्राह्मण समाज की एकता और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बताया।राकेश्वर पांडेय ने कहा कि परशुराम जन्मोत्सव अब जमशेदपुर शहर की एक विशिष्ट पहचान बन चुका है।सुधांशु ओझा (पूर्व भाजपा महानगर अध्यक्ष) ने कहा कि सनातन हित और हिंदुत्व की मजबूती के लिए एक सराहनीय कदम बताया।अप्पू तिवारी (संयोजक) ने कहा कि आयोजन की सफलता के लिए युवाओं की सक्रिय भागीदारी को समाज की असली ताकत करार दिया।
अनुशासन के साथ उमड़ा जनसैलाब
यात्रा के दौरान शहर के कई मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ, लेकिन श्रद्धालुओं के अनुशासन और उत्साह ने व्यवस्था को बनाए रखने में सहयोग किया। अनिल तिवारी, दीपू सिंह और डी.के. मिश्रा सहित अन्य वक्ताओं ने विभिन्न संगठनों के बीच आपसी तालमेल और सहयोग की सराहना की।
प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति
शोभा यात्रा में मुख्य रूप से अखिलेश दुबे, बिनोद उपाध्याय, डी.डी. त्रिपाठी, बड़ेलाल दुबे, जयकुमार सिंह, सत्येंद्र कुमार सिंह, विमलेश उपाध्याय, और भारी संख्या में महिला श्रद्धालु जैसे पवित्रा पांडेय, सुनीता मिश्रा और सीमा पांडेय उपस्थित रहीं।साथ ही, हिन्दू जागरण मंच, भाजपा युवा मोर्चा, अखिल भारतीय ब्राह्मण संघ, मानवता एक सामाजिक संस्था और केशरी सेना जैसे कई संगठनों ने इस आयोजन को सफल बनाने में अपना महत्वपूर्ण सहयोग दिया।
