झाड़ग्राम: पूर्व सीएम चम्पाई सोरेन ने मांझी बाबाओं के साथ की बैठक, बंगाल सरकार पर आदिवासियों को शिक्षा से वंचित रखने का लगाया आरोप

झाड़ग्राम। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन ने मंगलवार को जंगलमहल क्षेत्र के दर्जनों गांवों के मांझी बाबा, पारंपरिक ग्राम प्रधानों और आदिवासी समाज के मार्गदर्शकों के साथ एक महत्वपूर्ण रणनीतिक बैठक की। इस बैठक के माध्यम से उन्होंने आगामी विधानसभा चुनावों में भाजपा के लिए समर्थन मांगा और ममता सरकार की नीतियों पर तीखे प्रहार किए।

टीएमसी सरकार पर शिक्षा रोकने का आरोप

चम्पाई सोरेन ने केंद्र की मोदी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए पश्चिम बंगाल की तृणमूल सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा मोदी सरकार ने देश भर में आदिवासी बच्चों के लिए 723 एकलव्य मॉडल विद्यालय स्वीकृत किए, लेकिन बंगाल की टीएमसी सरकार ने इनके लिए जमीन देने से इनकार कर दिया। पूर्व सीएम ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार जानबूझकर आदिवासियों को आधुनिक शिक्षा और विकास से दूर रखना चाहती है ताकि उनका राजनीतिक शोषण किया जा सके।

आदिवासी समाज की समस्याएं और दमन का मुद्दा

बैठक के दौरान पारंपरिक प्रधानों ने चम्पाई सोरेन के समक्ष स्थानीय स्तर पर हो रही परेशानियों को साझा किया।समाज के लोगों ने आरोप लगाया कि वे सरकारी स्तर पर हो रहे दमन और झूठे मुकदमों से त्रस्त हैं। आदिवासी समाज इन कानूनी अड़चनों से मुक्ति चाहता है ताकि वे अपनी परंपराओं के साथ गरिमापूर्ण जीवन जी सकें। चम्पाई सोरेन ने भरोसा दिलाया कि बंगाल में भाजपा की सरकार बनते ही इन सभी फर्जी मुकदमों और दमनकारी नीतियों पर रोक लगाई जाएगी।

जंगलमहल में भाजपा की मजबूत होती स्थिति

चम्पाई सोरेन पिछले कई दिनों से जंगलमहल के इलाकों में खासे सक्रिय हैं। उनकी सक्रियता का असर झारखंड-बंगाल सीमा से सटे क्षेत्रों में साफ देखा जा रहा है। चम्पाई सोरेन ने पीएम नरेंद्र मोदी और सुवेंदु अधिकारी के साथ मंच साझा कर आदिवासी वोट बैंक को एकजुट करने का प्रयास किया है। बैठक के अंत में मांझी बाबाओं और ग्राम प्रधानों ने विकास की मुख्यधारा से जुड़ने के लिए भाजपा को समर्थन देने की बात कही।

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