जमशेदपुर: झारखंड राज्य आंदोलन के प्रमुख नेता और पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन को केंद्र सरकार द्वारा पद्म भूषण सम्मान दिए जाने की घोषणा के बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) कार्यकर्ताओं में खुशी का माहौल है। इसी उपलक्ष्य में जमशेदपुर स्थित झामुमो जनसंपर्क कार्यालय में जिला अध्यक्ष विक्टर सोरेन के नेतृत्व में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। सभी ने शिबू सोरेन के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और झारखंड राज्य निर्माण तथा सामाजिक न्याय के लिए उनके योगदान को याद किया।
लड्डू बांटकर जताई खुशी
श्रद्धांजलि सभा के दौरान कार्यकर्ताओं के बीच लड्डू बांटे गए और पद्म भूषण सम्मान मिलने पर खुशी का इजहार किया गया। कार्यक्रम में मौजूद नेताओं ने इसे झारखंड की जनता और राज्य आंदोलन से जुड़े लाखों लोगों के सम्मान का क्षण बताया।
‘झारखंड के लिए गुरुजी का योगदान अतुलनीय’
सभा को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष विक्टर सोरेन ने कहा कि शिबू सोरेन ने झारखंड राज्य के गठन, आदिवासी-मूलवासी समाज के अधिकारों और सामाजिक न्याय के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया।उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा उन्हें पद्म भूषण सम्मान दिया जाना पूरे झारखंड के लिए गौरव की बात है। यह सम्मान केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि झारखंड की जनता के संघर्ष और भावनाओं का सम्मान है।
भारत रत्न देने की उठी मांग
विक्टर सोरेन ने केंद्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शिबू सोरेन के ऐतिहासिक योगदान को देखते हुए उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान “भारत रत्न” से भी सम्मानित किया जाना चाहिए।उन्होंने कहा कि गुरुजी का संघर्ष, नेतृत्व और झारखंड आंदोलन में उनकी भूमिका उन्हें इस सर्वोच्च सम्मान का पात्र बनाती है।
विधायक मंगल कालिंदी ने भी जताई खुशी
कार्यक्रम के दौरान जुगसलाई विधायक मंगल कालिंदी ने भी अपनी बात रखते हुए कहा कि शिबू सोरेन को पद्म भूषण सम्मान मिलना झारखंड की जनता के सम्मान और गौरव से जुड़ा विषय है।उन्होंने कहा कि गुरुजी ने झारखंड की पहचान और अधिकारों के लिए जो संघर्ष किया, उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।
गुरुजी के विचारों को आगे बढ़ाने का लिया संकल्प
सभा के अंत में उपस्थित कार्यकर्ताओं और नेताओं ने शिबू सोरेन के विचारों, संघर्षों और आदर्शों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। सभी ने कहा कि झारखंड के विकास और सामाजिक न्याय की दिशा में गुरुजी के दिखाए मार्ग पर चलना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
