जमशेदपुर: शहर में मंगलवार को मां विपदतारिणी पूजा पूरे श्रद्धा, आस्था और भक्ति भाव के साथ मनाई गई। विभिन्न देवी मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। वहीं परसुडीह के शंकरपुर स्थित झामुमो के पूर्व प्रखंड सचिव मिथुन चक्रवर्ती के आवास पर पिछले 25 वर्षों से आयोजित हो रही मां विपदतारिणी पूजा इस वर्ष भी भव्य रूप से संपन्न हुई। इस अवसर पर जुगसलाई विधायक मंगल कालिंदी ने भी पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
सुबह से उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
शंकरपुर स्थित पूजा स्थल पर सुबह से ही बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और बच्चे माता के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे। श्रद्धालुओं ने निर्जला व्रत रखकर माता को 13 प्रकार के फल, फूल और मिष्ठान अर्पित किए।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुई पूजा
पूजा का आयोजन पुरोहित शिशिर चक्रवर्ती ने वैदिक मंत्रोच्चार एवं पारंपरिक विधि-विधान के साथ कराया। पूजा के उपरांत सामूहिक कथा का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया। पूरे परिसर में “जय मां विपदतारिणी” के जयघोष से भक्तिमय वातावरण बना रहा।
रक्षा सूत्र धारण कर मां से मांगी सुख-समृद्धि की कामना
पूजा के समापन के बाद महिलाओं ने बाएं हाथ और पुरुषों ने दाएं हाथ में 13 गांठ वाले पवित्र लाल धागे में आठ दुर्वा दल बांधकर रक्षा सूत्र धारण किया। धार्मिक मान्यता के अनुसार यह रक्षा सूत्र जीवन की विपत्तियों और बाधाओं से रक्षा करता है। श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-शांति, संतान की सुरक्षा और समृद्धि की कामना की।
बंगाली समाज में विशेष महत्व रखती है मां विपदतारिणी पूजा
बंगाली समाज में मां विपदतारिणी पूजा का विशेष धार्मिक महत्व है। मां विपदतारिणी को देवी दुर्गा के 108 स्वरूपों में से एक माना जाता है। यह पूजा रथ यात्रा के बाद आने वाले मंगलवार और शनिवार को विशेष रूप से की जाती है। महिलाएं अपने पति की दीर्घायु, परिवार की खुशहाली और बच्चों की सुरक्षा के लिए श्रद्धापूर्वक यह व्रत और पूजा करती हैं।
