जमशेदपुर:बिष्टुपुर थाना क्षेत्र स्थित ‘डबल डाउन’ (डीडी) बार के बाहर शनिवार देर रात हुई खूनी झड़प और सोमवार को करणी सेना के नेता हिमांशु सिंह की मौत के मामले में जमशेदपुर पुलिस ने बड़ी दंडात्मक कार्रवाई की है। कर्तव्य में घोर लापरवाही बरतने और हिंसा को रोकने में विफल रहने के आरोप में घटनास्थल पर पहुंची गश्ती दल (पीसीआर वैन) के तीनों पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित (सस्पेंड) कर दिया गया है।निलंबित होने वाले पुलिसकर्मियों में शामिल हैं रतन कुमार दास (सहायक अवर निरीक्षक ),राजेश कुमार रंजन (सहायक अवर निरीक्षक ) और मनोज कुमार (आरक्षी संख्या – 913)।
वायरल सीसीटीवी फुटेज के बाद गिरी गाज
यह कार्रवाई सोमवार देर रात रीगल गोलचक्कर पर हुए भारी चक्का जाम और करणी सेना के उग्र प्रदर्शन के बाद सीनियर एसपी के निर्देश पर की गई है। दरअसल, घटना का एक सीसीटीवी फुटेज तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें साफ दिख रहा था कि जब हमलावर हिमांशु सिंह और उनके साथियों पर लाठी-डंडों, बेल्ट और चाकू से हमला कर रहे थे, उस वक्त पुलिस की गश्ती गाड़ी वहां मौजूद थी।परिजनों और प्रदर्शनकारियों का सीधा आरोप था कि एएसआई रतन कुमार दास, एएसआई राजेश रंजन और कांस्टेबल मनोज कुमार के सामने ही यह खूनी खेल खेला गया, लेकिन तीनों पुलिसकर्मियों ने हमलावरों को खदेड़ने या दबोचने के बजाय मूकदर्शक बने रहना बेहतर समझा। इसी अकर्मण्यता के कारण हमलावरों के हौसले बुलंद हुए और उन्होंने हिमांशु पर जानलेवा वार कर दिया।
विभागीय जांच शुरू, लाइन हाजिर किए गए कर्मी
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, तीनों पुलिसकर्मियों का यह आचरण सेवा नियमावली के खिलाफ और घोर लापरवाही का परिचायक है। निलंबन अवधि के दौरान तीनों को पुलिस लाइन हाजिर कर दिया गया है।
आरोपियों की तलाश में पुलिस की ताबड़तोड़ छापेमारी
दूसरी ओर, हिमांशु सिंह की मौत के बाद बिष्टुपुर पुलिस ने इस मामले में हत्या का केस तरमीम कर दिया है। शहर के रीगल गोलचक्कर पर देर रात तक चले चक्का जाम को पुलिस के आला अधिकारियों ने इन तीनों पुलिसकर्मियों के निलंबन और आरोपियों की त्वरित गिरफ्तारी के लिखित आश्वासन के बाद ही समाप्त कराया। फिलहाल शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है और फरार मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीम अलग-अलग ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है।
